Delhi Building Collapse: 7 मौतें, 3 गिरफ्तारियां और 5 MCD अधिकारियों पर गिरी गाज... सत्य निकेतन हादसे के बाद अब तक क्या-क्या हुआ? जानिए सब कुछ
दिल्ली इमारत हादसे का 27 घंटे चला रेसक्यू ऑपरेशन पूरा हो गया है। अदालत ने सख्त कार्रवाई करते हुए आरोपी मालिक हरिराम गुप्ता और उनकी पत्नी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा है। वहीं, जांच के लिए उनके बेटे को 2 दिन की पुलिस रिमांड पर लिया है।
- भारत
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दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में हुआ दर्दनाक इमारत हादसा पूरे शहर को झकझोर कर रख गया है। दिल्ली इमारत हादसे का 27 घंटे चला रेसक्यू ऑपरेशन पूरा हो गया है। अदालत ने सख्त कार्रवाई करते हुए आरोपी मालिक हरिराम गुप्ता और उनकी पत्नी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा है। वहीं, जांच के लिए उनके बेटे को 2 दिन की पुलिस रिमांड पर लिया है। इस हादसे ने 5 छात्रों समेत 7 लोगों की जिंदगी छीन ली। वहीं, 5 अन्य लोग घायल हैं, जिनमें से तीन की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है।
कैसे चला 27 घंटे का महा-रेस्क्यू ऑपरेशन?
घटना रविवार 6 सितंबर दोपहर की है, जब अचानक यह इमारत ताश के पत्तों की तरह ढह गई। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोग फरिश्ते बनकर सामने आए और बचाव कार्य शुरू कर दिया। मलबे में फंसे छात्रों और अन्य लोगों की जान बचाने के लिए एक बेहद अनोखी पहल देखने को मिली । 'ब्लिंकिट' के जरिए मलबे के अंदर फंसे लोगों तक ऑक्सीजन की सप्लाई पहुंचाई गई ताकि उनकी सांसें चलती रहें। एंबुलेंस की निर्बाध आवाजाही के लिए एक 'ग्रीन कॉरिडोर' भी बनाया गया। कुछ ही देर में NDRF की टीम ने मोर्चा संभाल लिया। करीब 27 घंटे की लगातार मेहनत के बाद यह सुनिश्चित किया गया कि मलबे में अब कोई नहीं फंसा है। मृतकों की पहचान अभिषेक, युवराज सोनी, पवन, अर्पित, अक्षत सिंह यादव और सुरेंद्र सिंह के रूप में हुई है।
MCD अधिकारियों पर गिरी गाज
भ्रष्टाचार और लापरवाही को लेकर दिल्ली नगर निगम (MCD) के अधिकारियों पर भी कड़ा एक्शन हुआ है। इलाके के उपायुक्त (DC), अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंता को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस सख्त कार्रवाई की पुष्टि की है।
अवैध निर्माणों पर चलेगा सीलिंग का डंडा
इस हादसे के बाद सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई है। मुख्यमंत्री ने सख्त निर्देश दिए हैं कि शहर भर में बिना अनुमति बनी या खतरनाक स्थिति में पहुंच चुकी सभी इमारतों का तुरंत निरीक्षण किया जाए और उन्हें सील किया जाए। नियमों की अनदेखी करने वाले किसी भी व्यक्ति को अब बख्शा नहीं जाएगा।
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हाईकोर्ट के निर्देश के बाद MCD ने दिए निरीक्षण के आदेश
दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देश के बाद नगर निगम (MCD) ने सभी जोन के बिल्डिंग विभाग के अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में निरीक्षण करने के आदेश दिए हैं। MCD ने सभी एग्जीक्यूटिव इंजीनियर को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने जोन में निरीक्षण कर 10 सितंबर 2026 तक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करके बिल्डिंग मुख्यालय में जमा करें।
रिपोर्ट पर संबंधित अधिकारी के हस्ताक्षर भी जरूरी होंगे और इसे MCD की ओर से तय किए गए प्रारूप में ही जमा करना होगा। MCD के आदेश के मुताबिक, निरीक्षण से जुटाई गई जानकारी और रिपोर्ट को दिल्ली हाईकोर्ट में दाखिल किए जाने वाले हलफनामे में शामिल किया जाएगा। हाईकोर्ट के सामने यह हलफनामा 10 दिनों के भीतर पेश किया जाना है। इसके अलावा, संबंधित जोन के अतिरिक्त आयुक्त को इस पूरे मामले की व्यक्तिगत रूप से निगरानी और जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। MCD ने अधिकारियों को समय सीमा के भीतर कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
दिल्ली हाईकोर्ट में क्या हुआ?
इस त्रासदी की गूंज दिल्ली उच्च न्यायालय तक पहुंच गई है। मामले में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की गई है, जिसमें दोषियों की जवाबदेही तय करने और सख्त सजा की मांग की गई है। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली सरकार, केंद्र, एमसीडी और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अब इस पूरे प्रकरण की अगली सुनवाई 25 सितंबर को होगी।