दिल्ली: फर्जी प्रॉपर्टी स्कीम में 30 करोड़ की धोखाधड़ी, बिल्डर गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस ने निवेशकों के साथ 30 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में एक रियल एस्टेट कारोबारी को गिरफ्तार किया है।

  • Facebook Share Icon
  • Twitter Share Icon
  • WhatsApp Share Icon
 
Follow : Google News Icon
13 people linked to two criminal gangs arrested in Jharkhand's Ramgarh
13 people linked to two criminal gangs arrested in Jharkhand's Ramgarh | Image: X

दिल्ली पुलिस ने निवेशकों के साथ 30 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में एक रियल एस्टेट कारोबारी को गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने एक बयान में बताया कि निजी एस्टेट डेवल्पर कंपनी के निदेशक आरोपी हरिंदर बशिष्ठा (49) को 13 जनवरी को हिरासत में लिया गया था और वह अब न्यायिक हिरासत में है।

यह मामला 24 मई 2022 को सुनील गुप्ता द्वारा दर्ज की गई शिकायत पर आधारित है। शिकायत के आधार पर तीन जून 2022 को प्राथमिकी दर्ज की गई थी। सुनील गुप्ता और कई अन्य पीड़ितों ने बिल्डर पर ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क-III में एक बिल्डिंग परियोजना में आवासीय इकाई खरीदने के लिए धोखा देने का आरोप लगाया है। पुलिस के अनुसार, यह परियोजना 2009 में शुरू की गयी थी और इसके अंतर्गत ऑफिस स्पेस, आवासीय इकाई, एक कमर्शियल मॉल और अन्य सुविधाओं का वादा किया गया था। प्रमुख स्थल परबनने वाली इमारत में प्रमुख आईटी कंपनियां अपने संचालन शुरू करने वाली थी।

बशिष्ठा और उसके सहयोगियों ने सुनील गुप्ता समेत अन्य़ खरीदारों को फर्जी दस्तावेज और निवेश पर आकर्षक आय का लालच देकर परियोजना में निवेश करने के लिए मनाया था। पुलिस बयान में कहा गया कि खरीदारों ने बिल्डर बायर्स एग्रीमेंट (बीबीए) पर हस्ताक्षर किए थे। हालांकि, जांच में खुलासा हुआ कि कंपनी के पास इन प्रॉपर्टी को ट्रांसफर करने का अधिकार नहीं था। यह भी आरोप लगाया गया कि एक ही यूनिट को कई खरीदारों को बेचा गया है।

Advertisement

आर्थिक अपराध शाखा की अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अमृता गुगुलोथ ने कहा कि बशिष्ठा और उनके सहयोगियों ने निवेशकों से लगभग 30 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की। आरोपी बिल्डर ने करीब साढ़े तीन साल से निवेशकों को बिल्ड़िंग सौंपने का आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक प्रोजेक्ट अधूरा है और बिल्डर के खिलाफ 75 शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं। कंपनी पर आरोप है कि उसने भोले-भाले निवेशकों से बड़ी रकम इकट्ठा की, लेकिन अपने वादों को पूरा करने में नाकाम रही।

Advertisement
Published By:
 Ankur Shrivastava
पब्लिश्ड