IAS अकादमी में 'सपनों की मौत', अब राजेंद्र नगर के कई कोचिंग सेंटर बंद; छात्रों को भेजे जा रहे मैसेज

तीन छात्रों की मौत के बाद राजेंद्र नगर में कई कोचिंग संस्थानों ने अगले 2 से तीन दिनों के लिए कक्षाओं को स्थगित कर दिया है।

  • Facebook Share Icon
  • Twitter Share Icon
  • WhatsApp Share Icon
 
Follow : Google News Icon
 many coaching centers of Rajendra Nagar closed
अब राजेंद्र नगर के कई कोचिंग सेंटर बंद; छात्रों को भेजे जा रहे मैसेज | Image: Republic

BREAKING: दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर में कोचिंग सेंटर के बेसमेंट पानी भरने से हुए तीन छात्रों की मौत से लोगों में गुस्सा है। सुरक्षा के बिना इंतजाम के हजारों बच्चों की जिंदगियों से यूं ही सरेआम खिलवाड़ हो रहा है, नतीजा ये हुई सिस्टम बदलने की चाह में घर छोड़कर आए तीन छात्र सिस्टम की लापरवाही की भेंट चढ़ गए।

तीन छात्रों की मौत के बाद राजेंद्र नगर में कई कोचिंग संस्थानों ने अगले 2 से तीन दिनों के लिए कक्षाओं को स्थगित कर दिया है। तीन छात्रों की मौत के बाद साथी छात्रों में आक्रोश है। 

गुस्साए छात्रों ने किया प्रदर्शन

ओल्ड राजेंद्र नगर में एक कोचिंग संस्थान के बेसमेंट में कल पानी भर जाने से हुई 3 छात्रों की मौत के विरोध में छात्र करोल बाग मेट्रो स्टेशन पर एकत्र हुए। छात्रों ने मेट्रो स्टेशन पर इक्ठ्ठा होकर अपना विरोध दर्ज कराया। साथ ही अपने साथी छात्रों की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। 

Advertisement

कोचिंग के बेसमेंट में डूबने से 3 स्टूडेंट्स की मौत

IAS कोचिंग सेंटर हादसे में जान गंवाने वालों स्टूडेंट्स के नाम आए सामने आए हैं। श्रिया, नवीन और तानिया की इस हादसे में मौत हो गई है। हादसे के दौरान वहां मौजूद एक चश्मदीद ने बताया कि वक्त रहते अगर बच्चों को बचाया जाता तो उनकी जान बच सकती थी। उन्होंने बताया, ‘बेसमेंट से पानी निकालने 4 घंटे तक कोई नहीं आया, एक हफ्ते में ये दूसरी घटना है। बेसमेंट में कोचिंग सेंटर चलाना अलाउड नहीं है फिर भी यहां लाइब्रेरी चल रही थी।’

Advertisement

श्रेया के गांव में सन्नाटा

यूपीपीएससी परीक्षा की तैयारी करने गई 25 साल की श्रेया यादव IAS बनने का सपना लेकर यूपी के अंबेडकरनगर से दिल्ली आई थी। पूरे गांव का मान-शान और सम्मान बढ़ाना उसकी ख्‍वाहिश थी। लेकिन राव IAS कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में भरे 12 फुट पानी में उसके सपने डूब गए। श्रेया की मौत हो गई। सिस्टम की लापरवाही से हुई श्रेया की मौत से पूरे गांव में सन्‍नाटे का 'शोर' फैला हुआ है। गांव की बेटी की याद में घरवालों के साथ आस-पड़ोस के लोग भी आंसू बहा रहे हैं।

इसे भी पढ़ें: छात्रों ने करोल बाग मेट्रो स्टेशन के नीचे किया रोड ब्लॉक

Published By:
 Deepak Gupta
पब्लिश्ड