'120 पुलिसकर्मी घायल, मेरे हाथ में चोट आई है...', DCP ने बताया CJP प्रदर्शन के दौरान हिंसा में क्या-क्या हुआ? 250 VIDEO के जरिए हो रही जांच
जंतर-मंतर पर CJP के 'संसद चलो' प्रदर्शन में हुई हिंसा में DCP आनंद मिश्रा समेत 100 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। दिल्ली पुलिस ने मामले को लेकर 5 FIR दर्ज की हैं। पुलिस के पास 250 से अधिक वीडियो फुटेज मौजूद हैं।
- भारत
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Delhi CJP Protest: दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के 'संसद चलो' प्रदर्शन के सोमवार (20 जुलाई) को भड़की हिंसा में 100 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। उपद्रवियों द्वारा किए गए भारी पथराव और हमले में कई वरिष्ठ अधिकारियों को भी गंभीर चोटें आई हैं, जिनमें DCP आनंद मिश्रा भी शामिल हैं। ऑन-ड्यूटी जवानों पर हुए इस जानलेवा हमले के बाद दिल्ली पुलिस एक्शन मोड में आ गई है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। मामले को लेकर कई FIR दर्ज हो चुकी है।
'कई अधिकारियों-जवानों को आई गंभीर चोटें'
इस घटना का पूरा ब्यौरा देते हुए डीसीपी आनंद मिश्रा ने बताया कि 20 जुलाई को सीजेपी कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन अचानक हिंसक हो गया था। उन्होंने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा घेरा (बैरिकेड्स) तोड़ने की कोशिश की और जब उन्हें रोका गया तो उन्होंने पुलिस बल पर हमला कर दिया। इस पथराव और हिंसा में कई वरिष्ठ अधिकारियों और जवानों को गंभीर चोटें आई हैं। इस झड़प के दौरान मेरे खुद के हाथ में भी चोट आई है।
DCP ने कहा कि मामले को लेकर जांच जारी है। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
डीसीपी मिश्रा ने इस बात पर जोर दिया कि कानून प्रवर्तन एजेंसियां प्रदर्शनों से जुड़ी सभी डिजिटल सबूतों की बारीकी से जांच कर रही हैं। उन्होंने कहा कि विरोध प्रदर्शन के बाद कई FIR दर्ज की गई हैं। अभी और भी FIR दर्ज होंगी। जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में लगे 100 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की निगरानी की जा रही है। वरिष्ठ अधिकारियों की कड़ी निगरानी में एक विशेष जांच टीम मामले की जांच कर रही है। सोशल मीडिया खातों पर भी नजर रखी जा रही है।
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पुलिस ने दर्ज की 5 FIR
जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में सोमवार को हुए हिंसक प्रदर्शन, पथराव और तोड़फोड़ के मामले में दिल्ली पुलिस ने अब तक कुल 5 FIR दर्ज की हैं। संसद मार्ग (संसद स्ट्रीट) और कनॉट प्लेस पुलिस स्टेशनों में दर्ज इन मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS), आर्म्स एक्ट और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम (PDPP Act) की गंभीर धाराएं लगाई गई हैं।
पुलिस ने पूर्व-नियोजित साजिश रचने के तहत एक FIR दर्ज की है। इसके अलावा सरकारी काम में बाधा डालने, ऑन-ड्यूटी पुलिसकर्मियों पर हमला करने और संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने के आरोप में 2 FIR हुई हैं। वहीं, संसद सत्र के दौरान नई दिल्ली क्षेत्र में बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने पर भी एक अलग से एफआईआर दर्ज की गई है।
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पुलिस के पास 250 से ज्यादा फुटेज
दिल्ली पुलिस की जांच का मुख्य आधार डिजिटल एविडेंस हैं। पुलिस के पास मोबाइल क्लिप, CCTV, ड्रोन और पुलिस बॉडी कैमरों से मिले 250 से अधिक वीडियो फुटेज मौजूद हैं। कनॉट प्लेस के रीगल सिनेमा के पास पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ और पथराव करने वाले उपद्रवियों के चेहरे इन वीडियो से चिन्हित किए जा रहे हैं। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या यह पूरी हिंसा किसी सोची-समझी साजिश का हिस्सा थी।