Cyclone Montha : आज ओडिशा पहुंचेगा चक्रवाती तूफान मोंथा, आंध्र प्रदेश में मचाई भयंकर तबाही, ट्रेन-फ्लाइट रद्द; अब अलर्ट पर ये राज्य

Cyclone Montha: बुधवार तड़के चक्रवात 'मोंथा' ने आंध्र प्रदेश और यानम के तटीय इलाकों को पार कर लिया। इस दौरान यहां तेज हवाओं और भारी बारिश के साथ कई जिलों में पेड़ उखड़े और बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। मोंथा को देखते हुए अब ओडिशा में रेड अलर्ट जारी है। कई फ्लाइट्स और ट्रेनें कैंसिल है और NDRF की टीमें भी तैनात हैं।

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Cyclone Montha
Cyclone Montha | Image: ANI

Cyclone Montha Update: बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवाती तूफान 'मोंथा' बुधवार (29 अक्टूबर) तड़के आंध्र प्रदेश और यानम के तटीय इलाकों को पार कर गया। तट पर पहुंचने के कुछ घंटों बाद चक्रवाती तूफान मोंथा कमजोर हो गया। इस दौरान तटीय इलाकों में भारी बारिश और 100 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से तेज हवाएं चली, जिसने पेड़ उखाड़ दिए और कई जिलों में बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई। मौसम विभाग की मानें तो तूफान बुधवार सुबह ओडिशा के तटों से टकराएगा।

मौसम विभाग ने बताया कि मोंथा सुबह गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल गया। तूफान की वजह से आंध्र के साथ ही तमिलनाडु, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों के समुद्र में लहरें उठीं और तेज हवाओं के साथ भारी बारिश का दौर जारी रहा।

आंध्र में मोंथा का कहर

आंध्र पुलिस के एक अधिकारी ने सूचना दी कि कोनासीमा जिले के मकानगुडेम गांव में तूफान की वजह ताड़ का पेड़ गिर गया, जिसमें एक महिला की मौत हो गई। वहीं, राज्य में 38,000 हेक्टेयर में खड़ी फसलें और 1.38 लाख हेक्टेयर में बागवानी फसलें भी नष्ट हुई। लगभग 76 हजार लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया गया है।

चक्रवात मोंथा को देखते हुए आंध्र सरकार ने 22 जिलों में 3,174 शेल्टर होम्स बनाए। विशाखापत्तनम, विजयवाड़ा और तिरुपति एयरपोर्ट की कई फ्लाइट्स कैंसिल हो गई। वहीं, दक्षिण मध्य रेलवे जोन की कुल 120 ट्रेनें रद्द हुई। मोर्चा संभालने और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए NDRF की 25 टीमें तैनात की गई।

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ओडिशा में रेड अलर्ट जारी

ओडिशा में चक्रवाती तूफान मोंथा का असर दिख रहा है। गोपालपुर बंदरगाह पर लोगों की आवाजाही रोक दी गई है। लोगों से अपने घरों में ही रहने को कहा गया। वहीं, कई जिलों में तूफान की वजह से रेड अलर्ट जारी किया गया है। यहां कई रेस्क्यू टीमों और 5,000 से ज्यादा कर्मियों को तैनात किया गया है। ओडिशा के 9 जिलों में स्कूलों और आंगनबाड़ी 30 अक्टूबर तक बंद कर दिए गए।

वहीं, ओडिशा के CM मोहन माझी ने चक्रवात मोंथा के आने से पहले स्थिति की समीक्षा के लिए विशेष राहत आयुक्त कार्यालय के नियंत्रण कक्ष का दौरा किया।
उन्होंने कहा कि ओडिशा अभी खतरे में नहीं है। हमारी सभी टीमें किसी भी स्थिति के लिए तैयार हैं। एहतियात के तौर पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया गया है।

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CM ने कहा कि गर्भवती महिलाओं, बीमार लोगों और बुजुर्गों की देखभाल की जा रही है। स्कूल और आंगनवाड़ी बंद कर दिए गए हैं। कुछ जगहों पर जहां पेड़ गिरे हैं, वहां सड़कें तुरंत साफ कर दी गई हैं। हमने सभी कलेक्टरों और अधिकारियों को 24 घंटे कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने की समीक्षा

इस बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तमिलनाडु सहित पूर्वी तटीय राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चक्रवात मोंथा के लिए तैयारियों की समीक्षा की। मंत्रालय ने एक्स पर लिखा है कि मंत्रालय ने राज्यों को पूर्ण समर्थन दिया है और प्रभावी आपातकालीन चिकित्सा प्रतिक्रिया के लिए सभी आवश्यक सहायता का आश्वासन दिया है।

मोंथा का खतरा पश्चिम बंगाल में भी है। 24 परगना, मेदिनीपुर, बीरभूम समेत कई जिलों में भारी बारिश की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने 31 अक्टूबर तक दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, अलीपुरद्वार और कूचबिहार जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

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Published By:
 Sagar Singh
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