वक्फ कानून के खिलाफ हिंसा में जल रहा पश्चिम बंगाल का मुर्शिदाबाद , उग्र भीड़ ने पिता-पुत्र की कर दी हत्या; इलाके में तनाव

ये मामला शमशेर गंज इलाके का है ये वीभत्स घटना शनिवार (12 अप्रैल) को तब हुई जब इलाके में वक्फ कानून के विरोध में प्रदर्शनकारी घरों में घुसकर लूटपाट मचा रहे थे।

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Waqf Amendment Act, West Bengal
वक्फ कानून के खिलाफ हिंसा में जल रहा पश्चिम बंगाल का मुर्शिदाबाद , उग्र भीड़ ने पिता-पुत्र की कर दी हत्या; इलाके में तनाव | Image: PTI

Son and Father Killed by Protester in Murshidabad Violence: वक्फ कानून के विरोध में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हिंसा थमने का नाम ही नहीं ले रही है। जाफराबाद, सुती, जंगीपुर, शमशेर गंज और धुलियान में वक्फ कानून के विरोध में प्रदर्शनकारियों ने तांडव मचा रखा है। वहीं इस बीच प्रदर्शनकारियों ने हिंसा तेज कर दी और मुर्शिदाबाद में एक पिता और पुत्र की हत्या कर दी है। प्रदर्शनकारी भीड़ हथियारबंद होकर इस परिवार के घर में दाखिल हुई और जब तक कोई कुछ समझ पाता तब तक इस घर में रहने वाले पिता और पुत्र की इस भीड़ ने हत्या कर दी थी। ये मामला शमशेर गंज इलाके का है ये वीभत्स घटना शनिवार (12 अप्रैल) को तब हुई जब इलाके में वक्फ कानून के विरोध में प्रदर्शनकारी घरों में घुसकर लूटपाट मचा रहे थे। पिता और पुत्र पर धारदार हथियार से हमला किया गया दोनों का रक्त रंजित शव पुलिस ने कब्जे में लेकर फरक्का के अस्पताल भेजने की बात कही। हिंसा के चलते इस इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस के जवानों की तैनाती है।


मुर्शिदाबाद के शमशेरगंज से आई इस दिल दहला देने वाली वारदात से सनसनी का माहौल है। यहां लूटपाट के इरादे से पहुंचे बदमाशों ने एक ही परिवार के दो लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, घटना उस समय हुई जब एक सशस्त्र बदमाशों का समूह मृतक के घर में घुस आया और लूटपाट शुरू कर दी। वारदात को अंजाम देने के दौरान जब घर के मुखिया और उनका बेटे ने जब बदमाशों का विरोध किया तो आरोपियों ने दोनों पर जानलेवा हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल पिता-पुत्र की मौके पर ही मौत हो गई। दोनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए फरक्का अस्पताल भेजा गया है। जानकारी के मुताबिक, दोनों के शरीर पर गहरी चोटों के कई निशान पाए गए हैं। परिजनों का आरोप है कि घटना के दौरान उन्होंने कई बार पुलिस को फोन किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। सूचना मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया और भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस पूरे मामले की छानबीन में जुट गई है और सभी एंगल से जांच की जा रही है।

पुलिस की गोली से घायल युवक की मौत, इलाके में तनाव

मृतक पिता-पुत्र की पहचान हरगोविंद दास (74) और चंदन दास (40) के रूप में हुई है, जिनकी मौत गोलीबारी की इसी कड़ी में हुई बताई जा रही है। हालांकि पुलिस की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान अभी तक जारी नहीं किया गया है। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और स्थिति को नियंत्रण में लाने की कोशिशें जारी हैं। प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। इसके अलावा एक और घटना में मुर्शिदाबाद के साजुर चौराहे पर हुई गोलीबारी की घटना में घायल 21 वर्षीय युवक की मौत हो गई है। इस युवक को गोली लगने के बाद गंभीर हालत में मुर्शिदाबाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। युवक की मौत के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया है। मृतक युवक साजुर मोड़ इलाके का रहने वाला था। बताया जा रहा है कि कल साजुर चौराहे पर किसी विवाद के दौरान पुलिस की गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया था।

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मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर चले मुकदमा: अमित मालवीय

पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी के आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उनकी सरकार में हिंदुओं की जान और संपत्ति सुरक्षित नहीं रह गई है। अमित मालवीय ने एक ट्वीट के माध्यम से दावा किया कि धुलियान, शमशेरगंज और जाफराबाद में कल रात कथित रूप से मुस्लिम गुंडों ने हरगोविंद दास (74) और उनके पुत्र चंदन दास (40) की बेरहमी से हत्या कर दी। उन्होंने कहा कि यह हत्या राज्य सरकार की 'तुष्टिकरण की राजनीति' और 'पक्षपातपूर्ण शासन' का नतीजा है। अपने ट्वीट में मालवीय ने ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए लिखा, 'इन निर्दोष हिंदुओं के खून से ममता बनर्जी के हाथ रंगे हैं। न केवल हरगोविंद और चंदन, बल्कि कई अन्य भी इस हिंसा की भेंट चढ़ चुके हैं — किसी ने अपनी जान गंवाई है, किसी ने आजीविका।' बीजेपी नेता ने मांग की है कि ममता बनर्जी के खिलाफ इन आपराधिक कृत्यों के लिए मुकदमा चलाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बंगाल में हो रही हिंसा पर केंद्र सरकार को सख्त संज्ञान लेना चाहिए। इस बयान के बाद सियासी पारा चढ़ गया है। हालांकि तृणमूल कांग्रेस की ओर से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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Published By:
 Ravindra Singh
पब्लिश्ड