ममेरे भाई से शादी, कई बार रेप और मर्डर की कोशिश…अंडरवर्ल्ड डॉन हाजी मस्तान की बेटी हसीन ने सुनाई आपबीती, PM मोदी से मांगा इंसाफ
देश के सबसे पहले अंडरवर्ल्ड डॉन हाजी मस्तान की बेटी हसीन मस्तान मिर्जा ने कथित यौन शोषण, जबरन शादी और संपत्ति हड़पने के मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से न्याय की गुहार लगाई है।
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देश के सबसे पहले अंडरवर्ल्ड डॉन हाजी मस्तान की बेटी हसीन मस्तान मिर्जा ने कथित यौन शोषण, जबरन शादी और संपत्ति हड़पने के मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से न्याय की गुहार लगाई है। हसीन का आरोप है कि 1996 में नाबालिग उम्र में उनकी जबरन शादी उनके मामा के बेटे से कर दी गई। उन्होंने दावा किया कि उसी व्यक्ति ने उनके साथ बलात्कार किया, शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न किया और उनकी पहचान का दुरुपयोग कर उनकी संपत्ति पर कब्जा कर लिया।
हसीन के मुताबिक, आरोपी व्यक्ति उससे पहले आठ बार शादी कर चुका था। न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में कहा कि जब यह सब उनके साथ हुआ, तब वह सिर्फ एक बच्ची थीं और उन्हें कोई समर्थन नहीं मिला। उन्होंने कहा, “मेरे साथ बलात्कार हुआ, हत्या की कोशिश की गई, बाल विवाह हुआ, मेरी संपत्ति छीन ली गई और मेरी पहचान छिपा दी गई। अगर कानून सख्त होंगे, तो लोग अपराध करने से डरेंगे।” हसीन ने यह भी बताया कि अत्याचारों से टूटकर उन्होंने तीन बार आत्महत्या की कोशिश की।
पिता का नाम घसीटने पर बेटी की अपील
हसीन ने बताया कि उन्हें तीन बार आत्महत्या करने की कोशिश करनी पड़ी। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें घर से निकाल दिया गया और कोई उनका साथ देने को तैयार नहीं था। इस मामले को लेकर सुर्खियों में आने के बाद हसीन ने लोगों से अपील की है कि उनके पिता का नाम इस विवाद में न घसीटा जाए। उन्होंने कहा,'मुझे दुख होता है जब मेरे पिता का नाम इस तरह लिया जाता है। यह मेरी निजी कहानी है, मेरे पिता की नहीं। यह सब उनके निधन के दो साल बाद हुआ।'
न्याय के लिए भटक रही डॉन की बेटी
हसीन की यह अपील पिछले हफ्ते इंस्टाग्राम पर पोस्ट किए गए एक वीडियो के बाद आई है, जिसमें उन्होंने न्याय के लिए अपने निरंतर संघर्ष को उजागर किया है। हसीन मिर्जा ने प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह से फिर से अपील करते हुए कहा है कि उन्हें सालों से न्याय नहीं मिला है।
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हाजी मस्तान के बारे में जान लीजिए
हाजी मस्तान देश का पहला नामी डॉन रह चुका है। 70-80 के दशक में हाजी मस्तान को मुंबई का ‘गॉडफादर’ कहा जाता था। उसका सिक्का 1960 के दशक से लेकर 1980 के दशक तक चला। वह अवैध सोने, चांदी और इलेक्ट्रॉनिक सामानों का एक तस्कर था, जो बाद में संगठित अपराध के सम्राट के रूप में स्थापित हुआ।
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मस्तान का कारोबार मुख्य रूप से समुद्री तस्करी और रियल एस्टेट में फैला हुआ था। वह कभी किसी की हत्या नहीं करता था, लेकिन उसके इशारे पर मुंबई का पूरा तंत्र काम करता था। कहा जाता है कि वह उन कुछ लोगों में से था, जिनके साथ दाऊद इब्राहिम ने अपने शुरुआती दिनों में काम किया था।
हाजी मस्तान सिर्फ अंडरवर्ल्ड तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि उसने 70 के दशक में ही अपनी पहुंच को दो सबसे प्रभावशाली क्षेत्रों बॉलीवुड और राजनीति तक बढ़ा दिया था। मस्तान के बॉलीवुड से गहरे संबंध थे. कई अभिनेता और अभिनेत्रियां उसके डर या सम्मान के कारण उससे मिलने आया करते थे। 1970 के दशक में आई अमिताभ बच्चन की फिल्म ‘दीवार’ का विजय वर्मा का किरदार कथित तौर पर हाजी मस्तान से प्रेरित था।