पढ़ाई के लिए चाहिए मोबाइल... 11वीं के छात्र ने की जिद, नहीं मिला तो फांसी लगाकर दी जान; आहत गरीब पिता ने भी कर ली खुदकुशी

ओमकार ने अपने पिता से मोबाइल लेने की जिद की आर्थिक स्थिति खराब होने की वजह से उसके पिता मोबाइल नहीं ले पाए।

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पढ़ाई के लिए चाहिए मोबाइल... 11वीं के छात्र ने की जिद, नहीं मिला तो फांसी लगाकर दी जान | Image: Republic-Bharat

कम्युनिकेशन के क्षेत्र में हमने तेजी से विकास किया है। कभी चिट्ठी, तार के माध्यम से संदेशों का आदान प्रदान करने वाला देश अब डिजिटल युग में आ चुका है। ऐसे में हर हाथ में मोबाइल एक बहुत बड़ी जरूरत बनती जा रही है। यहां तक कि स्कूल छात्रों को भी अब मोबाइल की मदद से होमवर्क भेजा जा रहा है और ऑनलाइन क्लासेस अटेंड करने को कहा जा रहा है। वहीं कुछ ऐसे भी गरीब लोग हैं जिनकी पहुंच में आज भी स्मार्टफोन नहीं है। अपने बच्चे को पढ़ाई के लिए जो माता-पिता मोबाइल नहीं दे पाते हैं वो भी आत्मग्लानि से भरे रहते हैं। कभी-कभी तो बच्चे ऐसे मामलों में आत्महत्या जैसा खौफनाक कदम भी उठा लेते हैं ऐसा ही एक मामला महाराष्ट्र से आया है।


महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले में एक पिता और पुत्र ने 8-9 जनवरी को आत्महत्या कर ली। मामला सिर्फ इतना था कि पिता गरीबी की वजह से बेटे को मोबाइल नहीं दिलवा पाया था। बेटे के स्कूली काम के लिए उसे मोबाइल की जरूरत थी लेकिन आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने की वजह से पिता ये जरूरत नहीं पूरा कर पाए। इसके बाद 11वीं क्लास में पढ़ने वाले बेटे ने खौफनाक कदम उठा लिया और रात को खेतों में जाकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वहीं बच्चे के आत्महत्या करने के बाद पिता ने इस आत्मग्लानि में आत्महत्या कर ली कि वो अपने बच्चे को मोबाइल नहीं दिला सका जिसकी वजह से वो दुनिया छोड़कर चला गया।  


ये था पूरा मामला

महाराष्ट्र के नांदेड़ के बिलोली तालुका के मिनकी गांव का रहने वाला ओमकार राजू पैलवार 11वीं कक्षा का छात्र था। उसके पिता राजू लक्ष्मण पैलवार एक किसान थे और अपनी पत्नी और 3 बच्चों के साथ मिनकी गांव में रहते थे। उनकी आर्थिक स्थिति बहुत खराब थी खेती में लगातार हो रहे नुकसान की वजह से परिवार कर्ज में डूब गया था। इसी बीच ओमकार ने अपने पिता से मोबाइल लेने की जिद की आर्थिक स्थिति खराब होने की वजह से उसके पिता मोबाइल नहीं ले पाए। ओमकार के स्कूल से मोबाइल पर ही होमवर्क दिया जाता था जिसके लिए उसके पास मोबाइल होना जरूरी था। पिता के मोबाइल नहीं दिलाए जाने को लेकर नाराज ओमकार ने 8 जनवरी की रात को खेत में जाकर फांसी लगा ली। सुबह जब घरवालों ने पेड़ पर लटके बेटे का शव देखा तो कोहराम मच गया।


बेटे के बाद पिता ने भी आत्मग्लानि में मौत को गले लगाया

अभी परिवार में हुई बेटे की मौत के गम के आंसू परिजनों की आंखों से सूखे भी नहीं थे कि अगले ही दिन यानि कि 9 जनवरी को परिवार के मुखिया और ओमकार के पिता राजू लक्ष्मण पैलवार ने भी आत्महत्या कर ली। दरअसल बेटे को मोबाइल नहीं दिला पाने की वजह से पति-पत्नी में 8 जनवरी की शाम को विवाद हो गया था। इस विवाद से नाराज होकर बेटा ओमकार रात को घर छोड़कर खेतों की ओर चला गया। जहां उसने खेत में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पिता-पुत्र के आत्महत्या के बाद से पूरे गांव में मातम फैल गया है। इस मामले में बिलौली पुलिस में आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज किया गया है

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Published By:
 Ravindra Singh
पब्लिश्ड