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Updated April 5th, 2024 at 14:14 IST

'जब कोर्ट रूम में ही मुख्तार ने चला दी थी गोली', पूर्व IPS ने सुनाई माफिया की दहशत की दास्तां

गाजीपुर के डिग्री कॉलेज में छात्रसंघ के चुनाव चल रहे थे और पुलिस को खुफिया जानकारी मिली थी कि एक गाड़ी में कुछ संदिग्ध लोग हथियारों के साथ घूम रहे हैं।

Reported by: Ravindra Singh
बुलंदी और फिर बेबसी...अंतिम दिनों में कुरकुरे के लिए तरस गया माफिया मुख्तार अंसारी! INSIDE STORY
कोर्ट रूम में चला दी थी मुख्तार ने आईपीएस पर गोली | Image:Facebook
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बांदा जेल में भले ही माफिया डॉन मुख्तार अंसारी की हार्ट अटैक से मौत हो गई हो लेकिन उसकी दहशत के किस्से अभी भी सामने आ रहे हैं।  उत्तर प्रदेश के पूर्व आईपीएस उदय शंकर जायसवाल ने भी मुख्तार की दहशत का एक ऐसा ही किस्सा मीडिया से शेयर किया है। पूर्व आईपीएस (आईजी) ने बताया कि कैसे एक समय ऐसा भी था जब मुख्तार के आतंक से लोग कांप जाते थे। उन्होंने मुख्तार की वो खौफनाक वाक्या सुनाया जिसे सुनकर आपकी रूह कांप जाएगी।

ये मामला साल 1996 का है जब उदय शंकर जयसवाल गाजीपुर के एडिशनल एसपी हुआ करते थे। गाजीपुर के डिग्री कॉलेज में छात्रसंघ के चुनाव चल रहे थे और पुलिस को खुफिया जानकारी मिली थी कि एक गाड़ी में कुछ संदिग्ध लोग हथियारों के साथ घूम रहे हैं। ये लोग किसी भी बड़ी वारदात को अंजाम दे सकते हैं। उदय शंकर जिला कोतवाली के थाना क्षेत्र लंका बस स्टॉप पर तैनात किए गए थे।

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गाड़ी चेकिंग के दौरान पुलिस पर की फायरिंग

पूर्व आईपीएस ने आगे बताया कि पुलिस अपना काम कर रही थी और एक-एक करके वाहनों की चेकिंग की जा रही थी। इस बीच एक दारोगा ने एक जीप को रोका जिसपर बसपा जिलाध्यक्ष का बोर्ड लगा हुआ था। इस गाड़ी में मुख्तार अंसारी भी मौजूद था। जैसे ही मुख्तार की गाड़ी रोकी गई उसने गाड़ी से निकलकर फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई में फायरिंग की लेकिन गोली मुख्तार की गाड़ी के पहिए में लगी और मुख्तार गाड़ी लेकर फरार होने में सफल रहा।

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मुख्तार की सिक्योरिटी में चलते थे पुलिस के सिपाही

इस एनकाउंटर में जब दो घायलों को पकड़ा गया और पूछताछ की गई तो पता चला कि वो गाजीपुर जेल का सिपाही था वो भी अपनी लाइसेंसी बंदूक के साथ वहीं एक और बंदूक उस गाड़ी में से बरामद की गई वो भी एक दूसरे सिपाही की थी। आईपीएस ने आगे बताया कि मुख्तार जेल के सिपाहियों को मवेशी खरीदकर देता था जिसके बदले में वो अपनी नौकरी के बाद उसकी सुरक्षा के लिए ड्यूटी करते थे।

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जब कोर्ट रूम में ही मुख्तार ने कर दी थी फायरिंग

इसके बाद एक अन्य मामले में पेशी के दौरान मुख्तार अंसारी ने कोर्ट रूम में ही आईपीएस पर फायरिंग कर दी थी। हालांकि इस मामले में मुख्तार अंसारी को 10 साल की सजा मिली थी। मुख्तार कृष्णानंद राय हत्याकांड सहित कई अन्य हमलों में गवाहों को धमकाकर, लालच देकर तोड़ता था या फिर उनकी हत्या करवा देता था। इसी सिस्टम की वजह से उसे किसी भी मामले में सजा नहीं हो पा रही थी। समय और परिस्थितियां बदली और मुख्तार अपने पुराने मामलों में ही सजा मिली। हालांकि उसकी तबीयत खराब होने की वजह से उसे हार्ट अटैक आया और उसकी मौत हो गई। 

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यह भी पढ़ेंः मुख्तार अंसारी साहब की मिट्टी... यूपी पुलिस के सिपाही ने माफिया की मौत पर किया पोस्ट; सस्‍पेंड

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Published April 4th, 2024 at 13:21 IST

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