Kolkata Doctor Rape Case: संदीप घोष का 3 घंटे तक चला पॉलीग्राफ टेस्ट, वॉयस एनालिसिस में मिलेगा क्लू?

घोष के साथ दो अन्य ट्रेनी डॉक्टरों का भी इसी दौरान 3 घंटे तक पॉलीग्राफ टेस्ट किया गया।

  • Facebook Share Icon
  • Twitter Share Icon
  • WhatsApp Share Icon
 
Follow : Google News Icon
Sandeep Ghosh
संदीप घोष का 3 घंटे तक चला पॉलीग्राफ टेस्ट | Image: Facebook

कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष का आज दूसरी बार पॉलीग्राफ टेस्ट किया गया। दूसरे सेशन का ये पॉलीग्राफ टेस्ट तीन घंटे तक चला। घोष के साथ दो अन्य ट्रेनी डॉक्टरों का भी इसी दौरान पॉलीग्राफ टेस्ट किया गया। आरजी कर अस्पताल में वित्तीय लेन देन को लेकर कई गड़बड़ियां सामने आईं जिसके बाद सीबीआई ने रविवार को आरजीकर अस्पताल में रेड डाली। इस रेड में अधिकारियों ने बताया कि उन्हें कई अहम सबूत मिले हैं जो आगे जांच में एजेंसी की मदद करेंगे।

पॉलीग्राफिक टेस्ट में लेयर्ड वॉयस एनालिसिस टेस्ट भी होता है। पॉलीग्राफिक टेस्ट कई लेयर में  पूरा होता है जिसको लेकर आरोपी से कई बार पूछताछ की जाती है। संदीप घोष को इस दूसरे सेशन के लिए रविवार को भी बुलाया गया लेकिन सीबीआई की दूसरी एन्टी करप्शन यूनिट की संदीप के घर छापेमारी के चलते वो सीजीओ स्थित सीबीआई दफ़्तर नही आ पाया था।

शनिवार को भी संदीप घोष सहित 4 डॉक्टरों से की थी पूछताछ

इसके पहले शनिवार (24 अगस्त) को CBI अस्पताल के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष और चार जूनियर डॉक्टर का पॉलीग्राफ टेस्ट किया गया था। दिल्ली की केंद्रीय फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (CFSL) से पॉलीग्राफ विशेषज्ञों का एक दल जांच करने के लिए कोलकाता आया हुआ है। इससे पहले CBI ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट से कहा था कि स्थानीय पुलिस ने डॉक्टर से रेप और उसकी हत्या के मामले को दबाने की कोशिश की थी और जब तक CBI ने जांच अपने हाथ में ली, तब तक घटनास्थल से छेड़छाड़ की जा चुकी थी।


CBI की एंटी करप्शन यूनिट ने की थी छापेमारी

सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधक इकाई ने रोगियों की देखभाल के लिए सामग्री की आपूर्ति करने वाले कुछ लोगों के दफ्तरों और आवासों पर भी छापे मारे। आरजीकेएमसीएच के पूर्व उपाधीक्षक अख्तर अली द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, घोष ने अस्पताल के प्राचार्य के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान अपने सहयोगियों के साथ मिलकर स्वास्थ्य विभाग और कॉलेज काउंसिल की अनुमति के बिना फूड स्टॉल, कैफे, कैंटीन और मूत्रालय के निर्माण के लिए निविदाएं जारी की थीं। अधिकारी के अनुसार, शुरुआती जांच में सामने आया कि तीन व्यापारियों को अवैध ठेके मिले थे।

Advertisement

यह भी पढ़ेंः RG कर करप्शन केस की डिटेल्स आई सामने, संदीप घोष समेत 4 के खिलाफ FIR दर्ज
 

Published By:
 Ravindra Singh
पब्लिश्ड