बेहतर जिंदगी का ख्वाब दिखाकर मानव तस्करी, लड़के की 20 और लड़की की 45 हजार थी कीमत, जम्मू-कश्मीर में 500 लोगों को बेचा
Delhi Human Trafficking : ये गिरोह स्टेशन के पास रहने वाले गरीब और नाबालिग बच्चों को शिकार बनाता था। उनसे श्रीनगर में बंधुआ मजदूर बनाकर घरेलू काम कराते थे।
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Delhi Human Trafficking Gang : बिहार और उत्तर प्रदेश से गायब होते बच्चों का रहस्य खुल गया और खुल गया वो पूरा नेक्सस जो लड़के और लड़कियों की कीमत लगाता था। दिल्ली पुलिस ने एक मानव तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। ये गिरोह बंधुआ बनाने की कीमत लगाते थे और उनसे कश्मीर में मजदूरी कराते थे।
ये सफलता दिल्ली पुलिस की आउटर नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट की स्पेशल स्टाफ और एंटी-ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट ने जम्मू-कश्मीर पुलिस की मदद से हासिल की है। पुलिस ने इस गिरोह के 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 3 नाबालिगों को छुड़ाया है। ये गिरोह दिल्ली–NCR से लेकर श्रीनगर तक फैला हुआ था, जिसमें दलालों और प्लेसमेंट एजेंटों का एक विशाल नेटवर्क शामिल था, जो रेलवे स्टेशनों पर नाबालिगों और मजदूरों को निशाना बनाते थे।
लड़के की कीमत 20 हजार, लड़की की 45
दिल्ली पुलिस की पकड़ में आया ये गिरोह बस अड्डों और रेलवे स्टेशन पर छोटे-छोटे बच्चों को निशाना बनाता था, फिर उन्हें अगवा कर कश्मीर में बंधुआ मजदूरी के लिए बेच देता था। लड़के और लड़कियां दोनों की कीमत पहले से तय थी। लड़के की कीमत 20 हजार और लड़की की 45 हजार तय थी। महिलाओं की कीमत 40-60 हजार रुपये थी।
ऐसे हुआ खुलासा
दरअसल, दिसंबर 2024 में भलस्वा डेरी से दो बच्चियों की किडनैपिंग हुई। परिजनों ने थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की तो दो लोगों सूरज और सलीम की संलिप्तता का पता चला। ये दोनों रेलवे स्टेशन और बस से बच्चों को उठाते। इसके बाद बस के जरिए बच्चों को कश्मीर के श्रीनगर ले जाया जाता था। कश्मीर की कई एजेंसियों में बच्चों को बेच देते थे। जांच में पता चला कि सलीम V.A. Manpower Pvt. Ltd नाम की ऐजेंसी चलाता है।
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करीब 500 लोगों की तस्करी
दिल्ली पुलिस ने 14 अगस्त, 2025 को प्रह्लाद विहार, दिल्ली से दो आरोपियों सलीम-उल-रहमान उर्फ वसीम और सूरज को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में सलीम ने बताया कि पिछले 2 सालों में करीब 500 लोगों को तस्करी के जरिए कश्मीर भेज चुका है। पुलिस के पास सबूत थे और उन लोगों की पहचान भी, इसके बाद दिल्ली पुलिस ने एक-एक कर आरोपियों को उठाना शुरु कर दिया।
दिल्ली पुलिस ने आरोपी सलीम के साथ श्रीनगर में छापा मारा और 19 अगस्त, 2025 को 2 और आरोपियों मो. तालीब (रामपुर, यूपी) और सतनाम सिंह उर्फ सरदार जी (बाराबंकी, यूपी) को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। यहीं से एक 16 साल की बच्ची को भी बचाया गया।