सावधान! डेटिंग ऐप्स के जरिए लड़कियों से करता था दोस्ती, फिर ब्लैकमेलिंग और खाते में सेंधमारी... दिल्ली में चल रहा 'रोमांस स्कैम', ठग गिरफ्तार

दक्षिण-पश्चिम जिले की साइबर पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए एक ऐसे ही जालसाज को बेनकाब किया है, जो ऑनलाइन डेटिंग और मैट्रिमोनी ऐप्स के जरिए महिलाओं को अपनी ठगी का शिकार बनाता था।

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dating scam alert | Image: X

तकनीक ने जहां सभी कामों को आसान बना दिया है, वहीं साइबर अपराधियों ने इसे मासूम लोगों तो ठगने का नया हथियार बना लिया है। हाल ही में दक्षिण-पश्चिम दिल्ली की साइबर पुलिस ने एक ऐसी ही बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने एक शातिर साइबर जालसाज को गिरफ्तार किया है, जो डेटिंग और मैट्रिमोनियल ऐप्स के जरिए महिलाओं को अपना शिकार बनाता था। इसी पर बनी एक फिल्म ठीक साल पहले 2011 में आई लेडीज वर्सेस रिकी बहल में फिलमायी गई थी।

कौन है यह शातिर जालसाज?

पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान आनंद कुमार के रूप में हुई है, जो मूल रूप से पश्चिम बंगाल का रहने वाला है। जांच में सामने आया है कि आनंद कोई नौसिखिया अपराधी नहीं है, बल्कि वह लंबे समय से 'हनी ट्रैपिंग', 'रोमांस स्कैम' और 'ब्लैकमेलिंग' जैसी वारदातों में लिप्त था। उसकी गिरफ्तारी से यह साफ हो गया है कि इंटरनेट की आभासी दुनिया में परफेक्ट मैच की तलाश कितनी जोखिम भरी हो सकती है।

कैसे बिछाया जाता था जाल?

आरोपी मेट्रिमोनियल और डेटिंग साइट्स पर अपनी एक बेहद प्रभावशाली और आकर्षक प्रोफाइल बनाता था। इसमें वह खुद को एक सफल प्रोफेशनल या व्यवसायी के रूप में पेश करता था। महिलाओं का भरोसा जीतने के लिए वह उनसे मीठी बातें करता और उनके साथ भविष्य के सपने साझा करता था। धीरे-धीरे वह महिलाओं को भावुक करता था और फिर खुद पर निर्भर कर लेता था।

हनी ट्रैपिंग और ब्लैकमेलिंग से शुरू हुआ मोटी रकम वसुलना 

एक बार भरोसा कायम होने के बाद, वह निजी तस्वीरें या वीडियो साझा करने के लिए महिलाओं को उकसाता था। जैसे ही उसे फोटो या वीडियो मिल जाता, वह अपने असली रंग दिखाने लगता और ब्लैकमेलिंग के जरिए फिर मोटी रकम वसुलता था। यह अपराधी महिलाओं की भावनाओं के साथ खेलकर उन्हें आर्थिक और मानसिक रूप से खोखला कर रहा था। इसके पास से कई संदिग्ध दस्तावेज और डिजिटल सबूत बरामद किए गए हैं।

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रोमांस स्कैम से कैसे बचें?

किसी से भी बात आगे बढ़ाने से पहले उसकी फोटो को 'रिवर्स इमेज सर्च'के जरीए चेक करें। स्कैमर इंटरनेट से उठाई गई फोटो का इस्तेमाल करते हैं। 
यदि कोई व्यक्ति जिसे आप कभी मिले नहीं हैं, अचानक किसी इमरजेंसी या फिर मेडिकल हेल्प के नाम पर पैसा मांगे तो समझ जाएं कि यह एक स्कैम है। 
आप किसी भी नए लोग से बात कर रहे हैं तो उन्हें भूलकर भी बैंक डिटेल्स, घर का पता और अपनी खुद की फोटो भेजने से बचें। चाहे वह कितना भी भरोसेमंद क्यों न लगे। 
अपराधी अक्सर आपको भावनात्मक रूप से जल्दबाजी करने के लिए मजबूर करते हैं।
कोई भी दिमाग से करें। बात आगे बढ़ाने से पहले जरूर सोचें। 

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Published By :
Aarya Pandey
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