10 महीने तक शौचालय में बंद कर लोहे की रॉड से भीतरी अंगों पर पिटाई... ससुराल में विवाहिता के साथ हैवानियत की सारी हदें पार

एक परिवार की दरिंदगी और हैवानियत का ऐसा मामला सामने आया है। यहां एक बेबस महिला को उसके ही पति और सास-ससुर ने पिछले 10 महीनों से घर के एक छोटे, अंधेरे बाथरूम में बंधक बनाकर रखा हुआ था।

  • Facebook Share Icon
  • Twitter Share Icon
  • WhatsApp Share Icon
 
Follow : Google News Icon
dehradun-shock-woman-locked-in-bathroom-for-10-months-tortured-by-in-laws
dehradun-shock-woman-locked-in-bathroom-for-10-months-tortured-by-in-laws | Image: Meta AI

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के भाऊवाला इलाके से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसे सुनकर किसी के भी रोंगटे खड़े हो जाएं। यहां एक कलयुगी पति और सास-ससुर ने अपनी ही बहू पर क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं। पीड़िता को पिछले 10 महीनों से एक कमरे और शौचालय में बंधक बनाकर रखा गया था, जहां उसे जानवरों से भी बदतर जिंदगी जीने पर मजबूर किया गया।

शौचालय में कैद और खाने के नाम पर सिर्फ 'कच्चे चावल

पीड़ित महिला के पिता द्वारा सेलाकुई थाने में दर्ज कराई गई। यह खौफनाक घटना जुलाई 2025 से शुरू हुआ जो मई 2026 तक लगातार जारी रहा। इन 10 महीनों के दौरान महिला को न तो ठीक से धूप नसीब हुई और न ही दो वक्त की रोटी। ससुराल वाले उसे जिंदा रहने के लिए खाने में सिर्फ कच्चे चावल, प्याज और सूखी मिर्च देते थे। भूख और लगातार मिलने वाली यातनाओं के कारण महिला का मानसिक संतुलन भी बिगड़ गया है।

प्राइवेट पार्ट पर हमला और पिटाई

इस मामले में क्रूरता का जो स्तर सामने आया है। वहीं पिता का आरोप है कि उनकी बेटी को ड्रेनेज पाइप, लोहे की कुर्सी और वाइपर से बेरहमी से पीटा जाता था। इतना ही नहीं, दरिंदगी की हद पार करते हुए उसके प्राइवेट पार्ट पर बोतल और डंडों से चोट पहुंचाई गई और बेरहमी से उसके सिर के बाल तक नोंच दिए गए।

मायके वालों को गुमराह करता रहा ससुराल पक्ष

पीड़िता की शादी दो साल पहले राहुल खंडूरी नाम के युवक से हुई थी, जो दिल्ली में नौकरी करता है। पिछले साल फरवरी में महिला ने दो जुड़वां बच्चों को जन्म दिया था। शादी के कुछ समय बाद ही ससुराल वालों का असली चेहरा सामने आ गया।

Advertisement

जब भी लड़की के पिता अपनी बेटी से बात करने के लिए फोन करते, तो ससुराल वाले बहाने बना देते थे कि 'बहू सो रही है' या 'नहा रही है'। वे हमेशा यही कहकर फोन काट देते थे कि 'हमारी बहू है, हम संभाल लेंगे।' एक बार जब पिता अपनी बेटी से मिलने उसके ससुराल पहुंचे, तो उन्हें घर के अंदर तक नहीं घुसने दिया गया और बेटी को जान से मारने की धमकी दी गई। हद तो यह हो गई कि मायके वालों को उन मासूम जुड़वां बच्चों से भी मिलने नहीं दिया गया।

पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा

बेटी की यह दर्दनाक हालत देखकर पिता ने हिम्मत जुटाई और पुलिस का दरवाजा खटखटाया। पिता की तहरीर के आधार पर देहरादून की सेलाकुई थाना पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी पति , सास और ससुर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की विभिन्न गंभीर धाराओं (115(2), 127(4), 351(2), 352) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अब इस मामले की गहनता से जांच कर रही है, ताकि पीड़िता को न्याय मिल सके और समाज को झकझोरने वाले इन दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके।

Advertisement

ये भी पढ़ें - CBSE NEW Chairman: राहुल सिंह की विदाई के बाद नए CBSE Chairman का ऐलान, लोखंडे प्रशांत सीताराम को मिली जिम्मेदारी

Published By:
 Aarya Pandey
पब्लिश्ड