अपडेटेड 14 March 2026 at 23:50 IST
Dating App Fraud Alert: डेटिंग ऐप पर 'मैच' करना पड़ सकता है भारी, एक गलती और खाली हो जाएगा बैंक अकाउंट, जानें बचने के तरीके
Dating App Fraud Alert: डिजिटल युग में डेटिंग ऐप्स प्यार पाने का आसान जरिया बन गए हैं, लेकिन ये साइबर अपराधियों के लिए ठगी का नया अड्डा भी हैं। यहां साइबर ठग नकली प्रोफाइल बनाकर आपकी मेहनत की कमाई पर डाका डाल सकते हैं।
- भारत
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Dating App Fraud Alert: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग हमसफर की तलाश के लिए डेटिंग ऐप्स का सहारा ले रहे हैं। पहली नजर में यह काफी सुविधाजनक लगता है, जहां आप अपनी पसंद के व्यक्ति से मिल सकते हैं और बात कर सकते हैं।
लेकिन इसी सुविधा की आड़ में साइबर ठगों का एक बड़ा गिरोह सक्रिय है। ये अपराधी सच्चे प्यार का नाटक रचकर आपकी भावनाओं के साथ खेलते हैं और अंत में आपकी नाक के नीचे से आपका बैंक अकाउंट खाली कर देते हैं।
कैसे बुना जाता है ठगी का जाल?
दरअसल, ठगों के काम करने का तरीका बहुत ही शातिर होता है। सबसे पहले वे अट्रैक्टिव फोटो और इंप्रेसिव बायो के साथ एक नकली प्रोफाइल बनाते हैं। इसके बाद मैच होने पर वे आपसे घंटों बातें करेंगे और आपको यह महसूस कराएंगे कि वे आपके लिए पूरी तरह ठीक हैं।
लेकिन, जब आप उनपर भरोसा करने लगते हैं, तो वे अपनी कोई 'दुखभरी कहानी' सुनाते हैं, जिसके बाद आप भावनाओं में बहकर उनकी मदद के लिए पैसे भेजते हैं। लेकिन, उसके बाद वे तुरंत गायब (Ghost) हो जाते हैं। कई मामलों में तो ये ठग आपकी प्राइवेट फोटोज या वीडियो लेकर आपको ब्लैकमेल भी करते हैं।
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नकली प्रोफाइल की कैसे करें पहचान?
खुद को सुरक्षित रखने का पहला कदम है सावधानी। अगर आपको किसी प्रोफाइल की फोटो जरूरत से ज्यादा अच्छी लग रही है, तो सतर्क हो जाएं। आजकल अपराधी AI जनरेटेड फोटो का इस्तेमाल करते हैं जो बहुत आकर्षक लगती हैं।
उनके बायो की जांच करें और पता करें कि क्या जानकारी अधूरी है? क्या उनके सोशल मीडिया लिंक काम कर रहे हैं? अगर कोई व्यक्ति आपसे बात शुरू करते ही बहुत जल्दी अपनी निजी समस्याएं बताने लगे या पैसों का जिक्र छेड़े, तो समझ जाएं कि दाल में कुछ काला है।
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सेफ डेटिंग के लिए ‘रूल्स’
- ऑनलाइन दोस्ती को असल जिंदगी में बदलते समय कुछ बातों का खास ख्याल रखना चाहिए।
- फर्स्ट डेट के लिए हमेशा किसी भीड़-भाड़ वाली जगह जैसे कैफे या मॉल चुनें। किसी सुनसान या निजी स्थान पर जाने की गलती कभी न करें।
- चाहे सामने वाला कितनी भी गंभीर समस्या क्यों न बताए, ऑनलाइन मिले किसी भी व्यक्ति को कभी पैसे ट्रांसफर न करें।
- अपनी डॉक्यूमेंट डिटेल्स जैसे आधार नंबर, ओटीपी (OTP), या बैंक पासवर्ड कभी साझा न करें।
- महिलाओं को विशेष रूप से शुरुआती मुलाकातों में अपनी लोकेशन साझा नहीं करनी चाहिए और संभव हो तो किसी दोस्त को अपनी मीटिंग के बारे में बताकर रखें।
ठगी होने पर क्या करें?
अगर आप किसी भी तरह की धोखाधड़ी का शिकार हो गए हैं, तो डरे नहीं और न ही शर्मिंदा हों। तुरंत अपनी बैंक को सूचित करें और लेन-देन रुकवाने की कोशिश करें। इसके बाद केंद्र सरकार के नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।
Published By : Shashank Kumar
पब्लिश्ड 14 March 2026 at 23:50 IST