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Updated May 14th, 2024 at 23:28 IST

बंगाल से लाकर लड़कियों से कराता था देह व्यापार, 17 साल बाद हत्या मामले में गिरफ्तार; पूरा मामला

दिल्ली पुलिस ने 57 वर्षीय एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिसने 17 साल पहले एक महिला की कथित तौर पर हत्या करने के बाद उसके शव को एक बक्से में बंद कर दिया था।

Delhi Police
दिल्ली पुलिस | Image:PTI
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Delhi News: दिल्ली पुलिस ने 57 वर्षीय एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिसने 17 साल पहले एक महिला की कथित तौर पर हत्या करने के बाद उसके शव को एक बक्से में बंद कर दिया था और फरार हो गया था। पुलिस के अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

पुलिस के मुताबिक आरोपी व्यक्ति को दिल्ली के रोहिणी इलाके से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने कहा कि बिहार के वैशाली जिले के रहने वाले आरोपी वीरेंद्र सिंह ने 2007 में यहां अपने किराए के मकान में 22 वर्षीय एक महिला की हत्या करने के बाद उसके शव को एक ट्रंक में बंद कर दिया था। महिला का शव अगले दिन बरामद किया गया था।

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तबादला होने के बावजूद जारी रखी थी जांच

दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (अपराध) अमित गोयल ने कहा, ‘‘ महिला की हत्या करने के बाद आरोपी शहर से फरार हो गया। हालांकि, जांच के दौरान सह-आरोपी शंकर घोष को स्थानीय पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।’’ उन्होंने कहा कि आरोपी वीरेंद्र सिंह को 2008 में एक अदालत द्वारा घोषित अपराधी के रूप में नामजद किया गया था।

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अधिकारी ने कहा कि अपराध शाखा का एक सहायक उप-निरीक्षक कालकाजी पुलिस थाने में तैनात था। वह उस इलाके का बीट अधिकारी था जहां महिला की हत्या हुई थी।

पुलिस उपायुक्त ने कहा, ‘‘तबादला होने के बावजूद सहायक उप-निरीक्षक ने मामले की जांच जारी रखी। उन्होंने फिर से उन लोगों के माध्यम से आरोपियों के बारे में जानकारी जुटाना शुरू कर दिया जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से देह व्यापार में शामिल थे। उन्हें पता चला कि वीरेंद्र हरियाणा के पानीपत में छिपा हुआ है। छापेमारी की गई लेकिन आरोपी का पता नहीं चल सका क्योंकि वह बार-बार अपना किराए का मकान बदल रहा था।’’

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बंगाल से लाता था लड़कियां

फरवरी में सहायक उप-निरीक्षक रमेश का तबादला अपराध शाखा में कर दिया गया और उन्होंने फिर से उस मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस उपायुक्त ने कहा, ‘‘इस बार वह आरोपी का मोबाइल नंबर ढूंढने में सफल रहे और किरायेदारों द्वारा दी जाने वाली जानकारी से वीरेंद्र की पहचान की गई। वीरेंद्र को रोहिणी के विजय विहार इलाके से पकड़ा गया। ’’

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पूछताछ में पता चला कि आरोपी 1991 में दिल्ली आया और चितरंजन पार्क इलाके में रहने लगा। वह टैक्सी चालक के तौर पर काम करता था। उस दौरान वह अलग-अलग लोगों के संपर्क में आया और उसे देह व्यापार के बारे में भी पता चला।

पुलिस उपायुक्त ने बताया कि 2001 में वीरेंद्र आसानी से पैसा कमाने के लिए देह व्यापार में शामिल हो गया। उन्होंने बताया कि वह पश्चिम बंगाल से युवा लड़कियों को लाता था और उनका इस्तेमाल देह व्यापार में करता था।

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(Note: इस भाषा कॉपी में हेडलाइन के अलावा कोई बदलाव नहीं किया गया है)

Published May 14th, 2024 at 23:28 IST

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