अपडेटेड 5 February 2026 at 18:28 IST

'खड़गे जी की उम्र को देखते हुए वो बैठकर भी विरोध कर सकते हैं, इसकी अनुमति दे दीजिए', राज्यसभा में PM मोदी ने ऐसा क्यों कहा?

राज्यसभा में पीएम मोदी ने जैसे ही अपना भाषण शुरू किया, विपक्षी सांसद हंगामा और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। इस बीच प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण को बीच में रोकर कुछ ऐसा कहा कि वहां मौजूद सभी सांसद भी मुस्कुराने लगे।

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PM Modi
PM Modi | Image: Sansad TV

संसद के बजट सत्र में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में भारी गतिरोध जारी है। विपक्षी सांसदों के भारी हंगामे के चलते लोकसभा में पीएम मोदी के जवाब के बिना ही प्रस्ताव पारित कर दिया गया। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी गुरुवार को राज्यसभा में अपना भाषण दिया।

राज्यसभा में पीएम मोदी ने जैसे ही अपना भाषण शुरू किया, विपक्षी सांसदों ने हंगामा शुरू किया। विपक्ष के सांसद सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। स्पीकर सी पी राधाकृष्णन ने नारेबाजी कर रहे सांसदों को शांत बनाए रखने की अपील की। मगर विपक्षी सांसदों का विरोध और नारेबाजी जारी रहा। इस बीच प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण को बीच में रोकर कुछ ऐसा कहा कि वहां मौजूद सभी सांसद भी मुस्कुराने लगे।

खड़गे जी उम्र को देखते हुए बैठकर भी विरोध कर सकते हैं-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने सदन में भारी हंगामे के बीच अपने भाषण शुरू किया था। थोड़ी देर उन्होंने अपना भाषण दिया फिर बीच में रूके और स्पीकर से एक अपील की। उन्होंने देखा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे खड़े होकर नारेबाजी कर रहे थे। इस पीएम मोदी ने स्पीकर से अपील करते हुए कहा, खड़गे जी की उम्र को देखते हुए वो बैठकर भी विरोध कर सकते हैं, इसकी अनुमति दे दीजिए। पीछे बहुत नौजवान हैं, तो वो खड़े होकर नारेबाजी कर सकते हैं। पीएम मोदी की इस बात पर सदन ठहाके लगने लगे।

राहुल पर पीएम मोदी ने इशारों में कसा तंज

राज्यसभा में विपक्षी सांसदों के हंगामे के बीच पीएम मोदी ने कहा, "खडगे जी की उम्र को देखते हुए मैं आपसे चेयरमैन साहब से गुजारिश करता हूं कि उन्हें बैठने दें और नारे लगाने दें ताकि उन्हें कोई दिक्कत न हो। इसलिए, कृपया खडगे जी को बैठे-बैठे ही नारे लगाने की इजाजत दें।" पीएम मोदी ने आगे कहा, "मैंने चर्चा सुनी, मुझे लगा कि चर्चा का लेवल थोड़ा और ऊंचा होना चाहिए था, खासकर उस तरफ से (विपक्ष की तरफ से)। वे सालों तक सरकार का हिस्सा रहे हैं। उस तरफ से चर्चा का लेवल थोड़ा और ऊंचा होना चाहिए था। लेकिन उन्होंने यह मौका भी गंवा दिया।"

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Published By : Rupam Kumari

पब्लिश्ड 5 February 2026 at 17:19 IST