कांग्रेस का चाल, चेहरा और चरित्र दलित विरोधी...सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी पर किया तीखा हमला, खोले इतिहास के कई पन्ने
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश पासवान और राज्यसभा सांसद डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने भाजपा के केंद्रीय कार्यालय में राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा है।
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भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश पासवान और राज्यसभा सांसद डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने भाजपा के केंद्रीय कार्यालय में राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा है। गुरु प्रकाश पासवान ने कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी पर दलित विरोधी मानसिकता, राजनीतिक अवसरवादिता और दलित समाज को केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। पासवान ने कहा कि कांग्रेस का चाल, चेहरा और चरित्र दलित विरोधी रहा है। वहीं, डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस और राहुल गांधी की राजनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस समाज में जाति, भाषा, क्षेत्र और अन्य मुद्दों के माध्यम से विभाजन पैदा करने का प्रयास करती है। जबकि भारतीय जनता पार्टी समाज की सभी जातियों में सामंजस्य और सामाजिक न्याय के साथ समाधान की राजनीति में विश्वास करती है।
गुरु प्रकाश पासवान ने आगे कहा "गुरु प्रकाश पासवान ने कहा “कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी का जो चेहरा है वो दलित विरोधी चेहरा है। कांग्रेस आज खड़गे के सम्मान की बात कर रही है। प्रियंका गांधी वाड्रा वायनाड से चुनाव लड़ने जा रही थीं। चुनाव लड़ने के पूर्व नामांकन की प्रक्रिया होती है और नामांकन की प्रक्रिया में पार्टी के सभी वरिष्ठ लोग जाते हैं। अंदर कौन-कौन गया? प्रियंका गांधी गईं, सोनिया गांधी गईं, उनके पतिदेव गए, उनके बच्चे गए। लेकिन बाहर कौन खड़ा रहा? दरवाजे के बाहर कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष वृद्ध नेता मल्लिकार्जुन खड़गे बाहर से झांक रहे थे। क्या दलितों का स्थान अंदर नहीं है? क्या दलितों का स्थान बाहर है।”
पुडुचेरी के पूर्व मुख्यमंत्री राहुल गांधी की चप्पल उठाते देखे जा चुके
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा इतिहास गवाह है कि पुडुचेरी के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता वी. नारायणसामी, राहुल गांधी की चप्पल उठाते देखे जा चुके हैं।
कांग्रेस पार्टी का चाल, चेहरा और चरित्र दलित विरोधी रहा है
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा “राहुल गांधी आज प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हैं और समाज तोड़ने वाली शक्तियों के साथ खड़े रहते हैं। पहली बार देश के इतिहास में हमने देखा कि एक आदिवासी की बेटी संविधान के सर्वोच्च स्थान पर पहुंची। हमेशा से कांग्रेस पार्टी का जो चाल, चेहरा और चरित्र है, वह दलित विरोधी रहा है। कर्नाटक में उपमुख्यमंत्री परमेश्वर, जब वे कांग्रेस में थे, उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा कि दलित होने के कारण उनको कर्नाटक का मुख्यमंत्री नहीं बनाया गया। खड़गे कांग्रेस में अध्यक्ष तो बन जाते हैं, लेकिन खड़गे जी को कांग्रेस पार्टी में मुख्यमंत्री क्यों नहीं बनाया जाता है।”
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काँग्रेस सरकार ने कितने एससी-एसटी-ओबीसी मुख्यमंत्री बनाए
डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने कहा “राहुल गांधी जहां जाते हैं, पूरे देश में पूछते हैं कि एससी-एसटी-ओबीसी कहां हैं। आज काँग्रेस सरकार इतने प्रांतों में है, कितने एससी-एसटी-ओबीसी मुख्यमंत्री हैं? भाजपा को मौका मिलता है, ओडिशा में पहली बार हमारी सरकार बनती है तो एक आदिवासी समाज के व्यक्ति को मुख्यमंत्री बनाया जाता है। छत्तीसगढ़ में एक आदिवासी समाज का व्यक्ति मुख्यमंत्री बनता है। मध्य प्रदेश में हमारी सरकार आती है तो मध्य प्रदेश के इतिहास में पहली बार दलित समाज का व्यक्ति उपमुख्यमंत्री बनता है। राजस्थान में दलित समाज का व्यक्ति उपमुख्यमंत्री बनता है। बाबासाहेब अम्बेडकर के बाद देश के इतिहास में पहली बार कोई दलित समाज का व्यक्ति केंद्र में कानून मंत्री बनता है तो अर्जुन राम मेघवाल बनते हैं।”
खोले इतिहास के पन्ने
डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि कांग्रेस को यदि वास्तविकता में दलित समाज के प्रति इतनी पीड़ा है, तो 18 जुलाई 2019 को भिवाड़ी में हरीश जाटव की के ऊपर कातिलाना हमला हुआ और 15 अगस्त को आत्महत्या कर ली थी। किसकी सरकार थी.. कांग्रेस की सरकार थी। 15 सितंबर 2021 को अलवर में योगेश जाटव पर भीड़ ने हमला किया और 18 सितंबर को अस्पताल में उसकी मृत्यु हो गई। 1 जुलाई 2021 को झालावाड़ में कृष्णा वाल्मीकि सड़क पर पिटाई हुई और 6 जुलाई को अस्पताल में उनकी मृत्यु हो गई। कांग्रेस सरकार थी मगर वो भीड़ जिसने हमला किया था वो एक पक्का वाला वोट बैंक था। तो एक तराज़ू पे तोला जाता है दलित की जान की कीमत और वो पक्के वाले हमारे वोट बैंक की कीमत। जब वो पक्का वोट बैंक दिखता है तो दलित का मान सम्मान और जान तीनों बहुत हल्का लगने लगता है।
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डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने कहा “इसके ठीक विपरीत हमारी सोच एकदम अलग है। हम समाज की सभी जातियों में सामंजस्य के साथ समाधान पैदा करना चाहते हैं, वो वैमनस्य के साथ घमासान पैदा करना चाहते हैं। हम वो पार्टी और उस संगठन का प्रतिनिधित्व करते हैं, उस विचार का प्रतिनिधित्व करते हैं, जिसने 9 नवंबर 1989 को श्रीराम मंदिर शिला पूजन में ईंट स्वर्गीय कामेश्वर चौपाल जी से रखवाई थी।" उन्होंने आगे कहा "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाल्मीकि समाज के लोगों का वाराणसी में पैर धोया था सबने देखा है।”