'दिमागी नक्सल' कांग्रेस, ने जनता का जनादेश खो दिया, उसके पास एक ही रास्ता बचा है, अराजकता चुनो...', INDI के विरोध प्रदर्शन पर BJP का हमला
भाजपा नेता सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी को संवैधानिकता से नहीं, केवल अराजकता और अपने 'पारिवारिक अहंकार' से मतलब है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के मिलने के लिए तैयार होने के बावजूद विपक्ष का उन्हें अपने सांसदों के सामने पेश होने के लिए कहना संवैधानिक गरिमा के खिलाफ है।
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सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि कांग्रेस के शीर्ष परिवार का दिल्ली की सड़कों पर किया गया आचरण बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। इससे साबित होता है कि पार्टी का संविधान या उसकी मर्यादाओं से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने याद दिलाया कि संविधान के तहत चुनाव आयोग, मुख्य न्यायाधीश या कैग (CAG) को जवाब को जवाब देने के लिए संसद में समन नहीं किया जा सकता। इसके बावजूद, कांग्रेस यह मांग कर रही है कि चुनाव आयोग उनके सांसदों के सामने पेश हो। यह रवैया संवैधानिक अधिकारों का नहीं, बल्कि उनके पारिवारिक अहंकार का परिचायक है।
सहयोगियों की नजर में कांग्रेस की हैसियत
विपक्ष में कांग्रेस की स्थिति पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी भी कांग्रेस को 50 सीटें देने के लायक नहीं मानती, भले ही मीडिया पर उनका 50 घंटे प्रचार रहा हो। उनके अपने राजनीतिक सहयोगी ही उन्हें मीडिया फुटेज के बराबर सीटों का हकदार नहीं समझते हैं।
बंगाल की हिंसा पर दोहरा रवैया
त्रिवेदी ने बंगाल हिंसा पर कांग्रेस के दोहरे चरित्र को उजागर किया। उन्होंने ध्यान दिलाया कि अधीर रंजन चौधरी खुद कह चुके हैं कि बंगाल में लोकतंत्र नहीं है और ममता बनर्जी के शासन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की हत्या हो रही है। लेकिन दिल्ली में 'लोकतंत्र बचाने' के नाम पर वही कांग्रेस अपने ही कार्यकर्ताओं के शवों को भूलकर ममता बनर्जी से हाथ मिला लेती है।
'बौद्धिक नक्सलवाद' और सुर्खियों की राजनीति
सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि जनादेश खो चुकी कांग्रेस अब केवल 'बौद्धिक नक्सलवाद' की राह पर चल रही है। संवैधानिक प्रक्रिया में विश्वास खो चुकी इस पार्टी के पास मीडिया की सुर्खियों में बने रहने और देश में अराजकता फैलाने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है।