अपडेटेड 6 March 2026 at 13:54 IST
Israel-Iran War: 'हालात अभी जटिल, आगे क्या होगा कह पाना मुश्किल...'; मिडिल ईस्ट में जारी तनाव पर बोले राजनाथ सिंह
रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया, "होर्मुज जलसंधि और संपूर्ण फारस की खाड़ी वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा का महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां कोई अवरोध तेल-गैस की आपूर्ति को बुरी तरह प्रभावित करता है, जो वैश्विक व्यापार और अर्थव्यवस्था पर गहरा असर डालता है।"
- भारत
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मिडिल ईस्ट में तनाव की आग बुझने का नाम नहीं ले रही। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच कोई समझौता होता नजर नहीं आ रहा। इसी बीच भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चेतावनी दी है कि क्षेत्र की स्थिति अभी असामान्य बनी हुई है और भविष्य अनिश्चित है। कोलकाता में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान रक्षा मंत्री ने मिडिल ईस्ट की तनातनी पर गंभीर चिंता जताई।
उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य में किसी भी बाधा को वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए घातक बताया, जो तेल-गैस की आपूर्ति श्रृंखला को चरमरा सकती है। राजनाथ सिंह ने कहा कि फारस की खाड़ी में अस्थिरता भारत समेत पूरी दुनिया की ऊर्जा सुरक्षा को सीधे नुकसान पहुंचाएगी। उन्होंने युद्ध के नए रूप और अंतरिक्ष तक विस्तारित संघर्षों को भविष्य की सबसे बड़ी चुनौती करार दिया।
फारस की खाड़ी का महत्व
रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया, "होर्मुज जलसंधि और संपूर्ण फारस की खाड़ी वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा का महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां कोई अवरोध तेल-गैस की आपूर्ति को बुरी तरह प्रभावित करता है, जो वैश्विक व्यापार और अर्थव्यवस्था पर गहरा असर डालता है।"
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वर्तमान परिस्थितियां चिंताजनक
उन्होंने कहा, "अभी स्थिति बेहद जटिल है और आगे चलकर यह और पेचीदा हो सकती है। जमीन, हवा, समुद्र से अब अंतरिक्ष तक फैलते संघर्ष भयावह हैं। सबसे बड़ी चिंता यह है कि यह अस्वाभाविक स्थिति अब सामान्य बनती जा रही है।"
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Published By : Ankur Shrivastava
पब्लिश्ड 6 March 2026 at 13:54 IST