क्या वाकई सोने का बना होता है 'गोल्ड मेडल'? सच्चाई जानकर चौंक जाएंगे आप
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय एथलीटों का शानदार प्रदर्शन जारी है और भारत अब तक 13 गोल्ड मेडल अपने नाम कर चुका है। इस शानदार उपलब्धि के बीच, खेल प्रेमियों के मन में अक्सर एक दिलचस्प सवाल होता है कि क्या यह गोल्ड मेडल सचमुच पूरा सोने का बना होता है? और अगर हां, तो इसमें कितना सोना होता है? आइए जानते हैं।
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ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय एथलीटों ने अपने शानदार प्रदर्शन से पूरे देश का दिल जीत लिया है। अब तक भारत की झोली में 13 गोल्ड मेडल आ चुके हैं, जिसने हर भारतीय का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है।खिलाड़ियों को पोडियम पर चमकता हुआ गोल्ड मेडल पहनते देखकर अक्सर हमारे मन में यह सवाल आता है कि क्या यह मेडल पूरी तरह से शुद्ध सोने का बना होता है? या फिर इसमें कितने ग्राम सोना इस्तेमाल किया जाता है? आइए जानते हैं इस मेडल के पीछे की कहानी क्या है?
कितना सोना और कितनी चांदी होता है?
अगर आप यह सोचते हैं कि विजेता को मिलने वाला मेडल 100% शुद्ध सोने का होता है, तो असलियत इससे काफी अलग है। अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) के मानकों और नियमों के अनुसार एक सामान्य गोल्ड मेडल का कुल वजन लगभग 500 से 550 ग्राम होता है। वहीं इस का मुख्य हिस्सा लगभग 92.5% बेहतरीन क्वालिटी की शुद्ध चांदी का बना होता है। यानी मेडल में करीब 500 ग्राम सिर्फ चांदी ही होती है। मेडल के ऊपर कम से कम 6 ग्राम शुद्ध सोने की परत चढ़ाई जाती है। यानी कि जिसे हम गोल्ड मेडल कहते हैं, उसमें असल में सिर्फ 6 ग्राम ही सोना मौजूद होता है।
कब मिले थे आखिरी बार शुद्ध सोने के मेडल?
इतिहास के पन्नों को पलटें तो पता चलता है कि हमेशा से ऐसा नहीं था। साल 1912 के स्टॉकहोम ओलंपिक में एथलीटों को 100% शुद्ध सोने के मेडल दिए गए थे। लेकिन इसके बाद वैश्विक स्तर पर सोने की कीमतें तेजी से बढ़ने लगीं। लगातार बढ़ते आर्थिक बोझ को देखते हुए आयोजकों ने मेडल बनाने के तरीके में बदलाव किया। तब से चांदी के बेस पर सोने की परत चढ़ाने की परंपरा शुरू हुई, जो आज भी जारी है।
क्या होती है एक गोल्ड मेडल की कीमत?
गोल्ड मेडल की वित्तीय कीमत उसमें मौजूद 6 ग्राम सोने और 500 ग्राम चांदी के बाजार भाव के आधार पर तय की जाती है। हालांकि, किसी भी खिलाड़ी के लिए इस मेडल की असली कीमत रुपयों में नहीं आंकी जा सकती है। सालों की कड़ी मेहनत, त्याग और देश का नाम रोशन करने के जुनून के आगे इस मेडल की कीमत अनमोल होती है।