अपडेटेड 19 March 2025 at 12:01 IST
मणिपुर के चुराचांदपुर में फिर हुई झड़प, पथराव में कई लोग घायल
मणिपुर के चुराचांदपुर जिले में ‘जोमी’ और ‘हमार’ जनजातियों के लोगों के बीच हुई ताजा झड़पों में कई लोग घायल हो गए।
- भारत
- 3 min read
मणिपुर के चुराचांदपुर जिले में ‘जोमी’ और ‘हमार’ जनजातियों के लोगों के बीच हुई ताजा झड़पों में कई लोग घायल हो गए। एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। यहां दोनों समुदायों के शीर्ष संगठनों के बीच शांति समझौता होने के कुछ ही घंटों बाद मंगलवार देर रात चुराचांदपुर शहर में फिर से झड़प हुई। कस्बे में लोगों के एक समूह द्वारा ‘जोमी’ उग्रवादी संगठन का झंडा उतारने की कोशिश के दौरान ये ताजा झड़प शुरू हो गईं।
अधिकारी ने बताया कि लाठी-डंडे लिए उमड़ी भीड़ ने पथराव शुरू कर दिया, जिसके कारण सुरक्षाकर्मियों को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े और हवा में गोलियां चलानी पड़ीं। अधिकारी ने बताया कि भीड़ ने इलाके में तोड़फोड़ की, और कुछ लोगों ने अपने प्रतिद्वंद्वियों पर गोलियां भी चलाईं। सुरक्षा बलों ने कस्बे में ‘फ्लैग मार्च’ किया और लोगों से घरों के अंदर रहने का आग्रह किया, क्योंकि ‘जोमी’ और ‘हमार’ समुदायों के बीच झगड़े के मद्देनजर पूरे जिले में कर्फ्यू लगा हुआ है। इस घटनाक्रम के जवाब में जोमी छात्र संघ ने जिले में ‘बंद’ का आह्वान किया। छात्र संगठन ने एक बयान में कहा, ‘‘चुराचांदपुर में अस्थिर हालात के मद्देनजर आपातकालीन बंद आवश्यक हो गया है... सभी सामान्य गतिविधियां स्थगित रहेंगी।’’
लोगों को घर के अंदर रहने की सलाह देते हुए सभी शैक्षणिक और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को बंद रखने को कहा गया। जिला प्रशासन ने सार्वजनिक अपील जारी कर चुराचांदपुर के लोगों से ‘सभी हिंसक गतिविधियां खत्म करने’ और प्राधिकारियों का सहयोग करने का आग्रह किया है। जिला अधिकारी धरुण कुमार एस ने एक बयान में कहा, ‘‘संघर्ष के कारण दोनों पक्षों को काफी परेशानी और कष्ट का सामना करना पड़ा है। हमलों की खबरें मिली हैं और हमारे क्षेत्र में शांति बहाल करने तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने की तत्काल आवश्यकता है।’’ हमार इनपुई’ और ‘जोमी काउंसिल’ ने मंगलवार को ‘बंद’ वापस लेने तथा जिले में सामान्य जीवन को बाधित करने वाली सभी गतिविधियों को समाप्त करने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।
Advertisement
‘हमार इनपुई’ के महासचिव रिचर्ड हमार पर रविवार को ‘जोमी’ समुदाय के लोगों ने हमला किया था, जिसके कारण दोनों समुदायों के बीच हिंसा भड़क उठी और अगले दिन कर्फ्यू लगा दिया गया। इस घटना के बाद ‘जोमी’ और ‘हमार’ जनजातियों के बीच झड़पें शुरू हो गईं। सूत्रों के अनुसार, रिचर्ड हमार एक वाहन चला रहे थे, जिससे जोमी समुदाय के एक दोपहिया सवार को टक्कर लग गई। इस घटना के बाद संक्षिप्त विवाद हुआ और फिर मारपीट हो गई। मई 2023 से मेइती और कुकी-ज़ो समूहों के बीच हुई जातीय हिंसा में 250 से अधिक लोग मारे गए हैं और हजारों लोग बेघर हो गए हैं। मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद केंद्र ने 13 फरवरी को राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा दिया था और राज्य विधानसभा को निलंबित कर दिया गया था। विधानसभा का कार्यकाल 2027 तक था।
Advertisement
Published By : Ankur Shrivastava
पब्लिश्ड 19 March 2025 at 12:01 IST