जंतर-मंतर पर ना सेना तैनात, ना किसी महिला की हुइ मौत...CJP प्रदर्शन के बीच दिल्ली पुलिस ने बताया हर एक सच, DCP बोले- 480 PAK हैंडल ब्लॉक
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के दिल्ली में जंतर-मंतर पर चल रहे प्रोटेस्ट के बीच सोशल मीडिया पर कई फेक वीडियो वायरल हो रहे हैं। इसी को लेकर दिल्ली पुलिस ने आज शनिवार को दोपहर में डेढ़ बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें उन्होंने कई बड़े खुलासे किए हैं।
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कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के दिल्ली में जंतर-मंतर पर चल रहे प्रोटेस्ट के बीच सोशल मीडिया पर कई फेक वीडियो वायरल हो रहे हैं। इसी को लेकर दिल्ली पुलिस ने आज शनिवार को दोपहर में डेढ़ बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें उन्होंने कई बड़े खुलासे किए हैं। दिल्ली पुलिस की ओर से बताया गया कि पाकिस्तानी अकाउंट से फेक न्यूज फैलाई जा रही है। कई पोस्ट में भ्रामक जानकारी फैलाई गई।
DCP सेंट्रल रोहित राजबीर सिंह ने दिल्ली पुलिस की तरफ से बताया कि कॉकरोच जनता पार्टी की तरफ से पिछले कई सप्ताह से जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट चल रहा है। सोशल मीडिया पर जानकारी बहुत तेजी से वायरल होती है लेकिन हर पोस्ट, वीडियो या फोटो जरूरी नहीं कि सही हो। उन्होंने सोनम वांगचुक के एक वीडियो का उदाहरण दिया है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ही अस्पताल से जुड़ा सोनम वांगचुक का एक वीडियो उन्होंने दिखाया। ये वीडियो पूरी तरह से फेक है। इस वीडियो में सोनम वांगचुक कुछ ऐसा कहते हुए नजर आ रहे हैं जो सही नहीं है उसे एआई से एडिट किया गया है। दिल्ली पुलिस ने कहा कि किसी भी जानकारी पर भरोसा करने या उसे आगे शेयर करने से पहले फ़ैक्ट-चेक करना बहुत जरूरी है।
'पाकिस्तान से संचालित 480 सोशल मीडिया हैंडल भी ब्लॉक किए गए'
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डीसीपी ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने अब तक 400 से अधिक सोशल मीडिया हैंडल की पहचान की है, जो भ्रामक और तथ्यहीन सामग्री फैलाने में सक्रिय पाए गए। इसके अलावा पाकिस्तान से संचालित 480 सोशल मीडिया हैंडल भी ब्लॉक किए गए हैं, जो प्रदर्शन से जुड़ी झूठी और भड़काऊ सामग्री प्रसारित कर रहे थे।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में DCP रोहित राजबीर सिंह ने बताई ये खास बातें
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- इंस्टग्राम का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जा रहा है।
- सोशल मीडिया पर झूठे और भ्रमित करने वाले वीडियो भी डाले जा रहे है।
- हर पोस्ट सही हो, ये जरूरी नहीं है।
- दिल्ली पुलिस सोशल मीडिया पर नजर बनाए हुए है।
- सोशल मीडिया पर फेक नैरेटिव फैलाने की कोशिश की जा रही है।
- कुछ पोस्ट का मकसद पैनिक फैलाना है।
- एक पोस्ट में 20 जुलाई को हुई घटना में एक लड़की की मौत का दावा किया गया। जबकि ये दावा झूठा था।
- एक नेता ने वीडियो बना कर पोस्ट डाला और दावा किया कि केंद्र सरकार रात में प्रदर्शन को क्रैकडाउन करने की तैयारी कर रही है।
- पाकिस्तान से चलाए जा रहे अकाउंट के जरिए झूठे पोस्ट किए जा रहे हैं।
- ऐसे ही कुछ हैंडल्स ऑपरेशन सिंदूर के समय भी एक्टिव थे।
- फेक पोस्ट मामले में सोनम वांगचुक का फेक वीडियो भी डाला गया।
- डीप फेक वीडियो का इस्तेमाल करके आर्मी को जंतर मंतर तैनात करने का दावा किया गया।
- दिल्ली पुलिस ने STF का गठन किया है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिखाई केजरीवाल की पोस्ट
दिल्ली पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऐसे कई उदाहरण भी साझा किए। पुलिस के अनुसार, एक वायरल पोस्ट में दावा किया गया था कि 20 जुलाई की घटना में एक महिला प्रदर्शनकारी की मौत हो गई, जबकि वास्तविकता यह थी कि महिला अस्पताल में भर्ती थी और उसकी मौत नहीं हुई थी। पुलिस ने तत्काल इस दावे का खंडन करते हुए आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया था।
अरविंद केजरीवाल का पोस्ट दिखाते हुए डीसीपी ने यह भी बताया कि एक प्रमुख राजनीतिक नेता द्वारा यह दावा किया गया था कि दिल्ली पुलिस रात के समय प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाने वाली है। पुलिस ने इसे पूरी तरह भ्रामक बताते हुए कहा कि ऐसा कोई अभियान प्रस्तावित नहीं था।