सोमवार के मार्च से पहले INDI गठबंधन को बड़ा झटका, CJI सूर्यकांत ने मुलाकात से किया इनकार

सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस जस्टिस (CJI) सूर्यकांत ने राहुल गांधी और इंडी गठबंधन के नेताओं से मुलाकात करने के अनुरोध को अस्वीकार कर दिया है। CJI के जवाब में इस बात पर जोर दिया गया कि मुद्दों को एडमिनिस्ट्रेटिव तरीके से मेमोरेंडम देने के बजाय न्यायिक कार्यवाही के जरिए ज़्यादा सही तरीके से सुलझाया जाएगा।

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CJI Justice Surya Kant rejects INDIA bloc leader request for meeting asks them to file petition in court
INDI गठबंधन को बड़ा झटका, CJI सूर्यकांत ने मुलाकात से किया इनकार | Image: ANI

रविवार, 11 अक्टूबर को चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) जस्टिस सूर्यकांत ने चुनाव में कथित गड़बड़ियों पर रिप्रेजेंटेशन देने के लिए मीटिंग की INDI ब्लॉक के नेताओं की रिक्वेस्ट को यह कहते हुए अस्वीकार कर दिया है कि उन्हें पिटीशन फाइल करके कोर्ट जाना चाहिए, क्योंकि मामला पहले से ही सब-ज्यूडिस है। इस मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया कि रिजेक्शन की वजह बताते हुए विपक्ष के नेताओं को ईमेल से जवाब भेजा गया है।

समाचार एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के मुताबिक बताया कि जवाब में इस बात पर ज़ोर दिया गया कि लोकसभा में विपक्ष के नेता (LoP) राहुल गांधी और डेलीगेशन द्वारा उठाए गए मुद्दों को एडमिनिस्ट्रेटिव तरीके से मेमोरेंडम देने के बजाय न्यायिक कार्रवाई के ज़रिए ज़्यादा सही तरीके से सुलझाया जाएगा।

INDI ब्लॉक का सुप्रीम कोर्ट तक मार्च का ऐलान

यह डेवलपमेंट तब हुआ जब कांग्रेस प्रेसिडेंट मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी समेत इंडी ब्लॉक के नेताओं ने सोमवार (12 अक्तूबर) को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करने और “वोट चोरी” के आरोपों, वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) और चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर CJI को एक मेमोरेंडम देने का ऐलान किया।

विपक्षी गठबंधन ने राष्ट्रपति को एक ज्ञापन सौंपा था

विपक्षी गठबंधन ने पहले नई दिल्ली में विरोध प्रदर्शन किया था और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को एक ज्ञापन सौंपा था, जिसमें चुनाव प्रक्रिया पर इसी तरह की चिंता जताई गई थी।

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इस बीच, चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की भारी कार्रवाई के एक दिन बाद, विपक्षी नेताओं ने रविवार को लोगों से 12 अक्टूबर (कल) को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च में शामिल होने की अपील की और पुलिस हिरासत की आलोचना की।

विपक्ष पर बीजेपी का तीखा हमला

BJP ने विरोध प्रदर्शनों को खारिज कर दिया, जबकि केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने कहा कि विपक्ष "कभी-कभी अपनी मौजूदगी का एहसास कराता है, ठीक वैसे ही जैसे कोई कॉकरोच पीठ पर रेंगता है।" 

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वहीं, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कांग्रेस, AAP, लेफ्ट पार्टियों और CJP पर राजधानी में विरोध प्रदर्शनों के दौरान अफरा-तफरी मचाने का आरोप लगाया। उन्होंने स्थिति को संभालने और लोगों की सुरक्षा पक्का करने के लिए दिल्ली पुलिस की भी तारीफ की।

ये भी पढ़ें: 'कानून का पालन नहीं किया गया...,': CJP विरोध प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस की प्रेस कॉन्फ्रेंस, पिछले प्रोटेस्ट पर कही ये बात

 

Published By:
 Sahitya Maurya
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