चीन कुछ छिपा तो नहीं रहा? HMPV वायरस से दुनिया को कितना खतरा, भारत सरकार ने क्या कहा; क्या हैं लक्षण और बचाव के उपाय

चीन में HMPV वायरस ने हाहाकार मचा रखा है। हालांकि, जिनपिंग सरकार इसे मानने से इनकार कर रही है। वहीं भारत सरकार भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

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China First Statement Amid HMPV Virus Cases
China में HMPV Virus ने मचाया हाहाकार। | Image: Republic

चीन में HMPV वायरस ने हाहाकार मचा रखा है। सोशल मीडिया पर जो तस्वीरें और वीडियो वायरल हो रही है, उससे यही चर्चा हो रही है कि चीन में एक बार फिर से कोरोना महामारी जैसी स्थिति बन गई है। इस बीच जिनपिंग सरकार इसे मानने से इनकार कर रही है। वहीं भारत सरकार भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। 

बता दें, कोरोना महामारी के दौरान भी चीन ने ऐसे ही सच को छिपाने की कोशिश की थी, लेकिन बाद में अमेरिका ने सच का खुलासा किया। चीन ने देश में बड़े पैमाने पर HMPV के प्रकोप संबंधी खबरों को अधिक तवज्जो नहीं देते हुए शुक्रवार को कहा कि सर्दियों के दौरान होने वाली श्वसन संबंधी बीमारियों के मामले पिछले साल की तुलना में इस साल कम गंभीर हैं। चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा कि विदेशियों के लिए चीन की यात्रा करना सुरक्षित है। मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने देश में 'इन्फ्लूएंजा ए' और अन्य श्वसन रोगों के फैलने को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में मीडिया से कहा, "सर्दियों के मौसम में श्वसन संक्रमण चरम पर होता है।"

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रही है, जिसमें चीन के अस्पतालों में मरीजों की भारी भीड़ दिख रही है। इस बीच चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा, "पिछले वर्ष की तुलना में ये बीमारियां कम गंभीर प्रतीत होती हैं और छोटे स्तर पर फैल रही हैं। मैं आपको आश्वस्त कर सकती हूं कि चीन सरकार चीनी नागरिकों और विदेशियों के स्वास्थ्य की परवाह करती है। चीन में यात्रा करना सुरक्षित है।"

चीन में फैले HMPV पर भारत की नजर

राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC) चीन में ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (HMPV) के प्रकोप की खबरों के बीच देश में श्वसन और मौसमी इन्फ्लुएंजा के मामलों पर करीबी नजर रखे हुए है और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के संपर्क में है। आधिकारिक सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "हम स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए हैं और विस्तृत जानकारी प्रदान करेंगे।"

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स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक (डीजीएचएस) डॉ. अतुल गोयल ने कहा कि ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस सांस से संबंधित किसी भी अन्य वायरस की तरह है, जो सामान्य जुकाम का कारण बनता है। उन्होंने कहा कि यह युवाओं और अधिक आयु के लोगों में फ्लू जैसे लक्षण पैदा कर सकता है। उन्होंने कहा, "चीन में ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (एचएमपीवी) के प्रकोप के बारे में खबरें आई हैं। हालांकि, हमने देश (भारत) में श्वसन प्रकोप के आंकड़ों का विश्लेषण किया है। दिसंबर 2024 के आंकड़ों में कोई उल्लेखनीय वृद्धि नहीं हुई है। हमारे किसी भी स्वास्थ्य संस्थान से बड़ी संख्या में मामले सामने नहीं आए हैं। मौजूदा स्थिति को लेकर घबराने की कोई बात नहीं है।"

क्या है HMPV वायरस?

US सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) के अनुसार, HMPV सभी उम्र के लोगों, खासकर छोटे बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोगों में ऊपरी और निचले श्वसन रोग का कारण बन सकता है। 2001 में इसका पता लगाया गया था और यह श्वसन सिंकिटियल वायरस (RSV) के साथ न्यूमोविरिडे से संबंधित है।

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HMPV वायरस के लक्षण क्या हैं?

HMPV के लक्ष्णों की बात करें, तो इसमें सामान्य सर्दी या फ्लू जैसे ही लक्षण दिखाई देते हैं। ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस के लक्षण कुछ इस तरह से हैं-

खांसी
बहती या भरी हुई नाक
बुखार
गले में खराश

गंभीर मामलों में, यह घरघराहट या सांस की तकलीफ, ब्रोंकाइटिस, निमोनिया या अस्थमा के बढ़ने का कारण बन सकता है।

HMPV से सबसे ज्यादा खतरा किसे है?

इस वायरस से सबसे ज्यादा खतरा पांच साल से कम उम्र के बच्चे, खास तौर पर नवजात शिशु, वृद्ध वयस्क, जिनकी उम्र 65 वर्ष से अधिक हो और कमजोर इम्यून सिस्टम वाले या अस्थमा या सीओपीडी जैसी पुरानी श्वसन संबंधी बीमारियों वाले व्यक्तियों को है।

कैसे फैलता है HMPV?

बता दें, कोविड-19 की तरह ये भी संक्रमित व्यक्ति से दूसरों में फैल सकता है। इसकी सबसे अधिक संभावना है। खांसने और छींकने से, व्यक्तिगत संपर्क- जैसे हाथ छूने या मिलाने से, ऐसी वस्तुओं या सतहों को छूने से जिन पर वायरस हो या फिर मुंह, नाक या आंखों को छूने से ये फैल सकता है।

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Published By:
 Kanak Kumari Jha
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