बोरवेल ने फिर ली मासूम की जान: 32 फीट गहरे 'मौत के कुएं' में गिरे 5 साल के प्रह्लाद की मौत; 13 घंटे बाद बाहर निकाला गया शव

बच्चा खेलते समय बोरवेल में गिर गया था। उसे बाहर निकालने फौरन ही रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया, लेकिन बच्चे को बचाया नहीं जा सका।

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child who fell in borewell in Rajasthan's Jhalawar, dies
child who fell in borewell in Rajasthan's Jhalawar, dies | Image: X- PTI

Rajasthan News: राजस्थान में फिर बोरवेल में गिरने से मासूम की जान चली गई। बीते दिन झालावाड़ में 5 साल का बच्चा खेलते समय 32 फुट गहरे बोरवेल में गिर गया था। करीब 13 घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाच बच्चे को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक वो जिंदगी की जंग हार गया। बोरवेल में गिरने से बच्चे की मौत हो गई।

हादसा रविवार को दोपहर करीब दो बजे हुआ था। मामले की सूचना मिलने के बाद SDRF के साथ NDRF की टीम भी रेस्क्यू में जुट गई थीं। 13 घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपेशन आज सुबह बच्चे को बोरवेल से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो गई थी।

पत्थर की सिल्ली से फिसलकर बोरवेल में गिरा था

मिली जानकरी के अनुसार हादसा रविवार (23 फरवरी) को डग थाना इलाके के पडला गांव मे हुआ। पुलिस के मुताबिक दोपहर करीब सवा एक बजे प्रह्लाद नाम का बच्चा खेत में खेल रहा था। कथित तौर पर वह बोरवेल के पास एक पत्थर की सिल्ली पर बैठा था और उससे फिसलकर बोरवेल में गिर गया। जब बच्चा गिरा तब उसके माता-पिता खेत के दूसरी तरफ किसी और काम में व्यस्त थे।

13 घंटे बाद बोरवेल से बाहर निकाला गया प्रह्लाद

बच्चा 32 फुट की गहराई पर फंस गया था। बच्चे की बोरवेल में गिरने की सूचना मिलते ही फौरन रेस्क्यू ऑपेरशन के लिए टीमें वहां पहुंचीं और उसे बचाने में जुट गई। शुरू में बोरवेल से बच्चे की रोने की आवाज सुनाई दी थी। वहीं, बोरवेल के अंदर पाइप से ऑक्‍सीजन भी द‍िया जा रहा था। इलाका पथरीला होने की वजह से रेस्क्यू में काफी दिक्कत आई। SDRF की टीम र‍िंंग में फंसाकर बच्‍चे को न‍िकालने की कोश‍िश की। वहीं, कोटा से NDRF की टीम भी रेस्‍क्‍यू के लिए पहुंच गई थी। 13 घंटों बाद बच्चे को बोरवेल से निकाला गया, लेकिन तबतक उसकी सांसें थम गई थीं।

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2 दिन पहले खोदा गया था बोरवेल

प्रह्लाद के पिता कालूलाल ने बताया कि इस बोरवेल को दो दिन पहले ही खोदा गया था। एसडीएम ने बताया कि इससे पानी नहीं निकल रहा था और उन्होंने इसे बंद करने का फैसला किया था। वह बोरवेल को भर ही रहे थे।

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Published By :
Ruchi Mehra
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