50 फीट गहरे बोरवेल में गिरी 1 साल की मासूम की मौत, 17 घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन
बच्ची 50 फीट गहरे बोरवेल में गिरी थीं। उसे बचाने के लिए NDRF और स्थानीय प्रशासन ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया।
- भारत
- 2 min read

Gujarat News: गुजरात के अमरेली में बीते दिन बोरवेल में फंसी एक साल की मासूम जिंदगी की जंग हार गई। स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर NDRF की टीम ने बच्ची को बचाने की कोशिश की, लेकिन वह इसमें सफल नहीं रहे। सुबह 5.10 मिनट पर बच्ची को बोरवेल से बाहर निकाला गया। इसके बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
जानकारी के अनुसार बच्ची करीब 50 फीट गहरे बोरवेल में गिर गई थीं। बच्चों की मौत से घर में मातम पसर गया है। उसके माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है।
17 घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना अमरेली के सुरगपूरा गांव की है। मासूम का नाम आरोही बताया जा रहा है। वह शुक्रवार दोपहर को 50 फीट गहरे बोरवेल में गिर गई थीं। बच्ची को ऑक्सीजन पहुंचाई गई। वहीं, उसका सिर पकड़कर निकालने की कोशिश हुई। 17 घंटों तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद आज (15 जून) को सुबह बच्ची को बोरवेल को बाहर निकाला गया। रेस्क्यू टीम मासूम को अस्पताल लेकर गई, लेकिन यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
अग्निशमन अधिकारी एचसी गढ़वी ने आरोही की मौत की जानकारी देते हुए कहा, ''बच्चे को सुबह 5.10 बजे बोरवेल से निकाले जाने के बाद मृत घोषित कर दिया गया।''
Advertisement
बता दें कि बच्ची के बोरवेल में गिरने के बाद उसके परिवार के सदस्यों ने 108 पर कॉल करके सूचना दी थी, जिसके बाद रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हुआ। इसके बाद मौके पर फायर ब्रिगेड, NDRF की टीमें भी पहुंची और उसे बचाने के लिए जुट गई। फिर भी उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
रीवा में हुई थी 6 साल के मयंक की मौत
गौरतलब है कि बोरवेल में बच्चों की घटनाएं कुछ कुछ दिनों में सुनने को मिल रहा है। इससे पहले अप्रैल महीने में मध्य प्रदेश के रीवा में भी एक बच्चे के बोरवेल में गिरने का मामला सामने आया था। रीवा में 6 साल का मयंक बोरवेल में गिर गया था। तब 45 घंटों तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया था। फिर भी मयंक की जान नहीं बच सकी।
यह भी पढ़ें: '2047 तक विकसित भारत का निर्माण ही हमारा लक्ष्य...', G7 समिट में बोले PM मोदी; AI का भी किया जिक्र