Jharkhand में होगा 'खेला' या चलती रहेगी Champai Soren की सरकार; क्या कहता है विधानसभा का समीकरण
2 फरवरी को चंपई सोरेन ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। फिलहाल उन्हें झारखंड विधानसभा में विश्वास मत हासिल करना है।
- भारत
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Jharkhand News: झारखंड में चंपई सोरेन के लिए आज बड़ी परीक्षा का दिन है। चंपई सोरेन को सोमवार को विधानसभा के अंदर अपनी ताकत दिखानी होगी, जिसके बलबूते सरकार बचाई जा सके। झारखंड विधानसभा के दो दिवसीय विशेष सत्र की आज से शुरुआत होगी। पहले विधानसभा में राज्यपाल का अभिभाषण होगा और फिर उसके बाद मुख्यमंत्री चंपई सोरेन सदन में विश्वास प्रस्ताव रखेंगे।
जमीन घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हेमंत सोरेन को गिरफ्तारी से पहले मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। इसके बाद चंपई सोरेन को झामुमो की तरफ से विधायक दल का नेता चुना गया था। 2 फरवरी को चंपई सोरेन ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। फिलहाल उन्हें झारखंड विधानसभा में विश्वास मत हासिल करना है।
विधानसभा में फ्लोर टेस्ट के दौरान नजर चंपई सोरेन के समर्थक विधायकों के संख्याबल पर रहेगी, क्योंकि इसी संख्याबल के आधार पर उनकी सरकार बचने वाली है। झारखंड की विधानसभा 81 सदस्यों वाली है और यहां बहुमत का साबित करने के लिए 41 सदस्यों का समर्थन चाहिए होता है। हालांकि राजभवन में राज्यपाल से मुलाकात के दौरान चंपई सोरेन अपनी ताकत दिखा चुके हैं।
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झारखंड विधानसभा की स्थिति
महागठबंधन- 48 विधायक (सत्ता पक्ष)
एनडीए- 32 विधायक (विपक्ष)
झामुमो- 29
बीजेपी- 26
कांग्रेस-17
आजसू- 3
सीपीआई माले- 1
एनसीपी- 1
राजद- 1
निर्दलीय- 2
एक सीट खाली
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विश्वास प्रस्ताव के दौरान सदन में शामिल होने के लिए सभी सत्ताधारी विधायक हैदराबाद से रांची पहुंच गए हैं। रविवार की रात सभी विधायक रांची सर्किट हाउस में रुके। हालांकि शक्ति परीक्षण को लेकर सभी दलों ने व्हिप जारी कर दिया है। आंकड़ों में बदलाव की संभावनाओं को देखते हुए बीजेपी ने भी कहीं ना कहीं अपनी तैयारी भी जरूर कर ली है।
बीजेपी को सत्ता बनाने के लिए चाहिए 19 MLA
झारखंड में चंपई सोरेन की सरकार गिरने की संभावनाएं ना के बराबर हैं, क्योंकि उनके समर्थन में बहुमत से ऊपर का संख्याबल है। चंपई सोरेन पिछले दिनों 43 विधायकों की परेड करा भी चुके हैं, जबकि एक विधायक इलाज के लिए बाहर हैं। चंपई सोरेन अपनी तरफ से करीब 47 विधायकों का समर्थन बताते हैं।
अभी अगर चंपई सोरेन के साथ खेला होता है तो सरकार गिराने के लिए कम से कम 8 विधायकों को वोटिंग से दूर करने की जरूरत रहेगी। हालांकि बीजेपी को सत्ता बनानी होगी, तो कम से कम 10 विधायकों की जरूरत पड़ेगी। मौजूदा हालातों में ये सब कुछ होता दिखाई नहीं पड़ रहा है। हालांकि झारखंड विधायक के फ्लोर पर ही सारी स्थिति साफ होगी।