Naxalites Surrender: दंतेवाड़ा में 37 नक्सलियों ने फेंके हथियार, मिनपा हमले के मास्टरमाइंड ने भी जोड़े हाथ

Naxalites Surrender: नक्सलवाद को आज फिर एक बड़ा झटका लगा है। छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में 37 माओवादियों ने हथियार छोड़कर आत्मसमर्पण कर दिया है।

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Naxalites Surrender
37 नक्सलियों ने फेंके हथियार | Image: Republic

Maoists Surrender in Dantewada: सुरक्षा बलों को छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल हुई है। रविवार ( 30 नवंबर) को दंतेवाड़ा में 37 नक्सलियों ने सरेंडर कर दिया है। मिनपा जैसी घटनाओं में शामिल इन नक्सली ने अपने साथियों के साथ आत्मसमर्पण किया है। बता दें इनमें 12 महिला माओवादी भी शामिल हैं। इन सभी नक्सलियों पर 65 लाख रुपये का इनाम घोषित था। 

दंतेवाड़ा पुलिस अधीक्षक गौरव राय ने बताया कि यह सरेंडर ‘पूना मारगेम’ (पुनर्वास से पुनर्जीवन) पहल के तहत हुआ है। समर्पण करने वाले नक्सलियों में कुछ साल पहले मिनपा में पुलिस पार्टी पर फायरिंग करने वाले माओवादी ने भी सरेंडर किया है। इस घटना में 26 जवान शहीद हुए थे और 20 जवानों को घायल कर हथियार और एम्युनिशन लूट लिए गए थे। ये नक्सली भैरमगढ़, इंद्रावती और माड़ क्षेत्रों से जुड़े थे। 

सरेंडर करने वाले नक्सलियों को क्या-क्या मिलता है? 

सरकार की आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति से प्रेरित होकर, दंतेवाड़ा में 165 इनामी सहित 508 से ज्यादा नक्सलियों ने मुख्यधारा अपनाई है। वहीं, ‘लोन वर्राटू’ अभियान के तहत राज्यव्यापी 1,160 नक्सलियों ने सरेंडर किया, जिसमें 916 पुरुष और 244 महिलाएं शामिल हैं। बता दें सरेंडर करने वालों को 50,000 रुपये की तत्काल सहायता, कौशल प्रशिक्षण और कृषि भूमि प्रदान की जाएगी।

पुलिस के अनुसार, पिछले 23 महीनों में छत्तीसगढ़ में 2,200 से ज़्यादा नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। इनमें शीर्ष नक्सली भी शामिल हैं। बता दें केंद्र ने मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद को खत्म करने का संकल्प लिया है।

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माओवादियों से अपील 

दंतेवाड़ा पुलिस और जिला प्रशासन ने एक बार फिर आग्रह किया है कि माओवादी हिंसा छोड़कर समाज से जुड़ें। पूना मारगेम यह संदेश देता है कि लौटने का अवसर हर किसी के लिए खुला है। अपने परिवार और बस्तर की नई शुरुआत के लिए शांति, पुनर्वास और सम्मान का मार्ग अपनाएं। 

वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में आत्मसमर्पण

आत्मसमर्पण करने वालों में कई कुख्यात और इनामी माओवादी शामिल थे फिर भी इनका स्वागत पुलिस उपमहानिरीक्षक दंतेवाड़ा रेंज कमलोचन कश्यप, डीआईजी (CRPF) राकेश चौधरी, पुलिस अधीक्षक दंतेवाड़ा गौरव राय, CRPF की 111वीं, 230वीं और 80वीं बटालियन के कमांडेंटों सहित कई बड़े अधिकारियों ने किया।

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Published By:
 Sagar Singh
पब्लिश्ड