बलि चढ़ाओ...गूंजती थी 'आवाजें', आंगन में पिता ने पहले काटा मुर्गा फिर 4 साल के बेटे का किया सिर कलम

छत्तीसगढ़ में एक ऐसी वारदात सामने आई है जिसे जानकर रूह कांप जाएगी। इंसानियत भी फंदे से लटकर कर खुदकुशी कर लेगी।

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बलि चढ़ाओ...गूंजती थी 'आवाजें', आंगन में पिता ने पहले काटा मुर्गा फिर 4 साल के बेटे का किया सिर कलम
बलि चढ़ाओ...गूंजती थी 'आवाजें', आंगन में पिता ने पहले काटा मुर्गा फिर 4 साल के बेटे का किया सिर कलम | Image: Pixabay

Chhattisgarh Human Sacrifice: छत्तीसगढ़ में एक ऐसी वारदात सामने आई है जिसे जानकर रूह कांप जाएगी। इंसानियत भी फंदे से लटकर कर खुदकुशी कर लेगी। आप सोच में पड़ जाएंगे कि कोई ऐसा कैसे कर सकता है? यहां के आदिवासी बहुल जनपद बलरामपुर में एक वहशी पिता ने अपने ही जिगर के टुकड़े का गला काट दिया। ऐसे इसलिए क्योंकि उसे बलि चढ़ाओ की 'आवाजें' आती थीं।

हालांकि अब आरोपी पिता को मानसिक विखिप्त बताया जा रहा है। पुलिस इस सनस‍नीखेज मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। पुलिसे ने पिता को गिरफ्तार कर लिया है जिसकी पहचान कमलेश नगेशिया (26) के रूप में हुई है।

कानों में अजीब आवाजें आ रही हैं, कह रही हैं बलि चढ़ाओ

पीटीआई की खबर के मुताबिक  कमलेश के परिजनों ने जानकारी दी कि बीते शनिवार को वो अचानक पागलों की तरह हरकत करने लगा। पुलिस ने बताया कि वह परिवार के सदस्यों से कहने लगा कि उसके कानों में अजीब सी आवाज सुनाई दे रही है और उसे किसी की बलि चढ़ाने के लिए कहा जा रहा है।

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पुलिस के मुताबिक परिजनों ने कमलेश की बातों पर ध्यान नहीं दिया और रात में भोजन के बाद सभी सोने चले गए और कमलेश की पत्नी भी अपने दो बेटों को लेकर अपने कमरे में सोने चली गई।

पहले मुर्गे का गला काटा फिर किया बेटे का सिर कलम

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पुलिस के मुताबिक रात में कमलेश अचानक उठा और उसने घर के आंगन में एक मुर्गे का गला रेत दिया। अपने बड़े बेटे अविनाश (4  साल) को उठाकर आंगन में ले आया और गला रेतकर उसकी हत्या कर दी। परिवार के सदस्यों को पता चला तो उन्होंने इसकी जानकारी पुलिस को दी। बाद में पुलिस ने कमलेश को पकड़ लिया और बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

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Published By :
Ankur Shrivastava
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