जिस वाघनख से छत्रपति शिवाजी महाराज ने अफजल खान को उतारा था मौत के घाट, UK से वापस लाया जा रहा भारत
छत्रपति शिवाजी महाराज के राज्याभिषेक की 350वीं वर्षगांठ इस साल पूरी हो रही है। इस खास मौके पर शिवाजी का 350 साल पुराना वाघनख ब्रिटेन से भारत लाया जा रहा है।
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छत्रपति शिवाजी महाराज के राज्याभिषेक की 350वीं वर्षगांठ इस साल पूरी हो रही है। इस खास मौके पर शिवाजी का 350 साल पुराना वाघनख ब्रिटेन से भारत लाया जा रहा है। शिवाजी का ये वाघनख बेहद खास है। वाघ नख का इतिहास साहस, हिम्मत और शौर्य से भरा है। ये वही वाघनख जिससे शिवाजी ने अफजल खान को मौत के घाट उतारा था।
खबर में आगे पढ़ें:
- छत्रपति शिवाजी महाराज का वाघनख वापस आ रहा भारत
- इंग्लैंड की विक्टोरिया एंड अल्बर्ट म्यूजियम में है वाघ नख
- औजार से अपने दुश्मनों को दिन में दिखा देते थे तारे
बीजापुर सल्नत के सेनापति अफजल खान के साथ 1659 के युद्ध में छत्रपति शिवाजी महाराज ने इसी हथियार का इस्तेमाल किया था। दरअसल, इस युद्ध में अफजल ने धोखे से शिवाजी को मारने की कोशिश की थी। लेकिन शिवाजी ने अपने वाघनख से अफजल को करारा जवाब दिया और उसे मौत के घाट उतार दिया। फिलहाल, इंग्लैंड की विक्टोरिया एंड अल्बर्ट म्यूजियम में शिवाजी के इस हथियार को रखा गया है। अफजल खान ने 1656 में औरंगजेब के हमले से निपटने की जिम्मेदारी ली थी और अंजाम तक पहुंचाया था।
महाराष्ट्र के म्यूजियम में रखा जाएगा शिवाजी का वाघनख
शिवाजी का वाघनख नवंबर में भारत लाया जाएगा। भारत लाने के बाद इसे दक्षिणी मुंबई के शिवाजी संग्रहालय में रखा जाएगा। इसे लेकर महाराष्ट्र के सांस्कृतिक मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने कहा, 3 अक्टूबर को लंदन में इस समझौते (MoU) पर हस्ताक्षर किया जाएगा। MoU के हिसाब से वाघनख को अलग-अलग जिलों में नहीं रखा जा सकता है।
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सांस्कृतिक मंत्री के अनुसार इस लम्हें को यादगार बनाने के लिए कई कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही लोगों को इसे देखने का अवसर भी दिया जाएगा। इसलिए इसे म्यूजियम में रखा जाएगा।
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