Anil Ambani पर CBI का शिकंजा, मुंबई में 17 ठिकानों पर छापेमारी; रिलायंस समूह से जुड़े मामलों की जांच तेज
CBI ने मुंबई में 17 जगहों पर अनिल अंबानी के नेतृत्व वाले रिलायंस ADA ग्रुप की कंपनियों के खिलाफ दर्ज तीन मामलों के सिलसिले में तलाशी ली है।
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अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशन से जुड़े हजारों करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग फ्रॉड मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जांच ब्यूरो CBI कर रही है। इस कड़ी में शनिवार को CBI ने मुंबई में 17 जगहों पर अनिल अंबानी के नेतृत्व वाले रिलायंस ADA ग्रुप की कंपनियों के खिलाफ दर्ज तीन मामलों के सिलसिले में तलाशी ली है।
सीबीआई के अनुसार, ये छापे कंपनियों के निदेशकों के आवासों के साथ-साथ उन बिचौलिया संस्थाओं के कार्यालयों पर मारे गए, जिनका कथित तौर पर बैंक फंड को दूसरी जगह भेजने के लिए इस्तेमाल किया गया था। CBI ने बताया कि ये तलाशी 8 मई को मुंबई में CBI मामलों के विशेष न्यायाधीश द्वारा जारी वारंट के आधार पर की गई। एजेंसी ने कहा कि इस कार्रवाई के दौरान उसने कई अहम दस्तावेज जब्त किए हैं।
CBI ने अनिल अंबानी के इन ठिकानों पर छापेमारी
9 मई को की गई छापेमारी में रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड, रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड और रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड और उनके निदेशकों के खिलाफ दर्ज मामलों से संबंधित है। जांचकर्ताओं ने यह भी पाया कि कई बिचौलिया कंपनियां कथित तौर पर एक ही पते से काम कर रही थीं। जांच अभी जारी है।
रिलायंस ग्रुप से जुड़ी कंपनियों के खिलाफ सात मामले दर्ज
एजेंसी ने बताया कि पिछले कुछ महीनों में उसने अनिल अंबानी के नेतृत्व वाले रिलायंस ग्रुप से जुड़ी कंपनियों के खिलाफ सात मामले दर्ज किए हैं। ये मामले विभिन्न सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) द्वारा हजारों करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी की शिकायतों के आधार पर दर्ज किए गए हैं। इन मामलों में कुल कथित नुकसान 27,337 करोड़ रुपये का है। इससे पहले, मामले दर्ज होने के तुरंत बाद एजेंसी ने 14 जगहों पर तलाशी ली थी। अनिल अंबानी के नेतृत्व वाले Reliance Group से जुड़े मामलों की जाँच की निगरानी सर्वोच्च न्यायालय द्वारा की जा रही है।