हाउस अरेस्ट के आरोपों के बीच ममता बनर्जी के लिए हाई कोर्ट से आई अच्छी खबर, बारुईपुर रेप और मर्डर केस पर रैली करने की मिली इजाजत
टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी को बड़ी राहत मिली है। कलकत्ता हाईकोर्ट ने उन्हें राज्य की राजधानी में प्रस्तावित रैली करने की सशर्त इजाजत दे दी है।
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HC Allows Mamata Banerjee Rally: कलकत्ता हाई कोर्ट से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को बड़ी राहत मिली है। 'हाउस अरेस्ट' के आरोपों के बीच अदालत ने ‘दीदी’ को बुधवार को कोलकाता में रैली करने की अनुमति दे दी है। माना जा रहा है कि यह प्रस्तावित रैली बारुईपुर रेप और मर्डर केस के विरोध में आयोजित की जा रही है, जिसे हाई कोर्ट ने कुछ शर्तों के साथ हरी झंडी दिखाई है।
तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद कल्याण बनर्जी ने पत्रकारों से बात करते हुए बताया कि TMC के छात्र और युवा विंग बालीगंज फारी से श्यामा प्रसाद मुखर्जी रोड क्रॉसिंग तक रैली निकालेंगे। अदालत ने रैली के समय में बदलाव करते हुए इसे दोपहर तीन बजे से शाम 6 बजे के बजाय दोपहर ढाई बजे से शाम साढ़े 4 बजे तक सीमित कर दिया है।
1 हजार से ज्यादा लोगों पर रोक
साथ ही अदालत ने निर्देश दिया कि रैली मार्ग का एक हिस्सा यातायात की आवाजाही के लिए खुला रखना होगा और गंतव्य तक पहुंचने पर भीड़ को तुरंत वहां से हटना होगा। अदालत ने रैली में भाग लेने वाली की संख्या भी सीमित की है। रैली में 1 हजार से अधिक लोगों के शामिल नहीं होने का निर्देश दिया है।
कल्याण बनर्जी ने क्या कहा?
कल्याण बनर्जी ने कहा, 'यूथ तृणमूल कांग्रेस और तृणमूल छात्र परिषद के जुलूस के लिए अदालत ने अपना आदेश दिया है और कहा है कि रैली दोपहर 2:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक बालीगंज फाड़ी से श्यामा प्रसाद मुखर्जी रोड क्रॉसिंग तक होगी।'
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बारुईपुर की घटना के बाद क्या हुआ?
बता दें कि दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में शनिवार को 12 साल की एक लड़की लापता हो गई थी। रविवार (5 जुलाई) सुबह नाबालिग का शव घर के पास तालाब से मिलने से तनाव फैल गया। परिजनों ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या कर शव तालाब में फेंकने का आरोप लगाया है। इस कथित रेप और मर्डर के मामले के बाद इलाके में आक्रोश देखने को मिला। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने इस मामले में मौत की सजा की मांग की।
इस बीच, सोमवार को ममता बनर्जी ने मामले की कड़ी निंदा की और विरोध में पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं के साथ मिलकर कैंडल मार्च निकाला। ममता बनर्जी ने 6 जुलाई को बारुईपुर पहुंचकर पीड़ित परिवार से मिलने का ऐलान किया था। लेकिन TMC नेताओं ने आरोप लगाया कि पीड़ित परिवार से मिलने बारुईपुर जाना चाहती थी, इसलिए उन्हें हाउस अरेस्ट कर लिया गया।