51 लाख कर्मचारियों को मोदी सरकार का तोहफा, EPFO वेतन सीमा 15000 रुपये से बढ़ाकर ₹25000 प्रति माह करने पर कैबिनेट ने लगाई मुहर

बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के तहत अनिवार्य कवरेज के लिए वेतन सीमा को 15,000 रुपये प्रति माह से बढ़ाकर 25,000 रुपये प्रति माह करने को मंजूरी दे दी है।

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Cabinet raises EPFO mandatory coverage wage ceiling to Rs 25,000
EPFO का नया नियम | Image: Representative

केंद्र सरकार ने देश के नौकरीपेशा वर्ग को एक बड़ा तोहफा दिया है। बुधवार, 16 सितंबर को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के तहत अनिवार्य कवरेज के लिए वेतन सीमा को 15,000 रुपये प्रति माह से बढ़ाकर 25,000 रुपये प्रति माह करने को मंजूरी दे दी है, जिससे 51 लाख से अधिक अतिरिक्त कर्मचारियों को अनिवार्य सामाजिक सुरक्षा कवरेज के दायरे में लाने की उम्मीद है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इससे भारत सरकार का अनुमानित खर्च हर साल लगभग 11,339 करोड़ रुपये होगा।

51 लाख से ज्यादा कर्मचारियों को लाभ

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट बैठक के बाद एक ब्रीफिंग के दौरान इस फैसले की घोषणा करते हुए बताया कि इस फैसले से 51 लाख से ज्यादा अतिरिक्त कर्मचारी अनिवार्य EPFO कवरेज के दायरे में आ सकते हैं। इस कदम से भविष्य निधि बचत, कर्मचारी पेंशन योजना (ईपीएस) के तहत पेंशन सुरक्षा और कर्मचारी जमा लिंक्ड बीमा योजना (ईडीएलआई) के तहत बीमा सुरक्षा तक पहुंच का विस्तार होगा, जो लागू योजना प्रावधानों के अधीन है।

सरकार पर हर साल ₹11,339 करोड़ का खर्च

इस वृद्धि के बाद सरकार का वार्षिक व्यय लगभग 11,339 करोड़ रुपये होने का अनुमान है, जबकि वर्तमान में वार्षिक बजटीय सहायता लगभग 10,250 करोड़ रुपये है। पांच वर्षों में अनुमानित व्यय लगभग 56,696 करोड़ रुपये है। वहीं, सरकार द्वारा उद्धृत नवीनतम ईपीएफओ आंकड़ों के अनुसार, संगठन के लगभग 7.68 लाख योगदान देने वाले प्रतिष्ठानों में लगभग 7.98 करोड़ योगदान देने वाले सदस्य हैं, जबकि ईपीएस लगभग 82 लाख पेंशनभोगियों को पेंशन लाभ प्रदान करता है।

आखिरी बार सितंबर 2014 में किया गया था संशोधन 

वर्तमान में, 15,000 रुपये प्रति माह से अधिक वेतन पर रोजगार में शामिल होने वाला कोई भी नया कर्मचारी स्वचालित रूप से ईपीएफ ढांचे के अंतर्गत कवर नहीं होता है और अनिवार्य भविष्य निधि, पेंशन और संबंधित बीमा सुरक्षा से बाहर रह सकता है। अब जब यह सीमा बढ़ाकर 25,000 रुपये कर दी गई है, तो 15,000 रुपये से 25,000 रुपये के मासिक वेतन वर्ग में आने वाले कर्मचारी वैधानिक सामाजिक सुरक्षा ढांचे के दायरे में आ जाएंगे।

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ईपीएफओ की वेतन सीमा में आखिरी बार सितंबर 2014 में संशोधन किया गया था, जब इसे बढ़ाकर 15,000 रुपये कर दिया गया था। इससे पहले, 2004 से 2014 के बीच यह सीमा अपरिवर्तित रही थी।

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Published By:
 Sahitya Maurya
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