'इरादों को गलत समझा गया', जमकर हुआ क्लेश तो पहलगाम पर टिप्पणी को लेकर सफाई देने आए रॉबर्ट वाड्रा

राहुल गांधी के जीजा और कारोबारी रॉबर्ट वाड्रा ने कहा है कि उनके इरादों को गलत समझा गया था। साथ ही उन्होंने कहा कि उन्हें स्पष्ट करना उनकी जिम्मेदारी है।

  • Facebook Share Icon
  • Twitter Share Icon
  • WhatsApp Share Icon
 
Follow : Google News Icon
Robert Vadra reaches ED office
रॉबर्ट वाड्रा | Image: ANI

Robert Vadra: पहलगाम हमले को लेकर रॉबर्ट वाड्रा ने अपने हालिया बयान पर अब सफाई दी है। है। जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हिंदू पर्यटकों को आतंकियों की तरफ से निशाना बनाए जाने पर रॉबर्ट वाड्रा ने एक टिप्पणी की थी, जिससे विवाद पैदा हो गया था। राहुल गांधी के जीजा और कारोबारी रॉबर्ट वाड्रा ने कहा है कि उनके इरादों को गलत समझा गया था। साथ ही उन्होंने कहा कि उन्हें स्पष्ट करना उनकी जिम्मेदारी है।

रॉबर्ट वाड्रा ने सोमवार को कहा कि वो पहलगाम हमले की कड़ी निंदा करते हैं और भारत के साथ खड़े हैं। फेसबुक पर उन्होंने एक पोस्ट में लिखा, 'चूंकि मेरे इरादों की गलत व्याख्या की गई है, इसलिए मैं समझता हूं कि उन्हें स्पष्ट करना मेरी जिम्मेदारी है। मैं ईमानदारी, पारदर्शिता और सम्मान के साथ खुद को स्पष्ट करने के लिए प्रतिबद्ध हूं। मैंने कुछ दिनों तक मौन रहने का फैसला किया, लेकिन इसे मौन, उदासीनता या देशभक्ति की कमी के रूप में नहीं समझा जाना चाहिए। वास्तव में ये मेरे देश के प्रति मेरे गहरे प्रेम, सत्य के प्रति मेरे गहरे सम्मान और समर्पण के प्रति मेरी प्रतिबद्धता के कारण है कि मैंने बोलने से पहले चिंतन करने का समय लिया। मौन वो समय है जहां जिम्मेदारी परिपक्व होती है, भावनाएं शांत होती हैं और शब्दों को आवेगपूर्ण तरीके से चुनने के बजाय सावधानी से चुना जा सकता है।'

रॉबर्ट वाड्रा ने अपनी सफाई में क्या-क्या कहा?

रॉबर्ट वाड्रा ने अपनी पोस्ट में लिखा- 'मैं इस बारे में स्पष्ट करना चाहता हूं कि मेरे विचार क्या हैं: पहलगाम में जो आतंकवादी हमला हुआ, जिसमें निर्दोष लोगों की जान ली गई और उनके परिवार बिखर गए, उसकी मैं कड़ी से कड़ी निंदा करता हूं। मैं भारत के साथ खड़ा हूं और हमेशा खड़ा रहूंगा। राजनीतिक, धार्मिक या वैचारिक- किसी भी रूप में ऐसा कोई तर्क नहीं है जिसके सहारे निर्दोष,निहत्थे लोगों के विरुद्ध हिंसा को माफ किया जा सके। मेरा मानना है कि किसी भी रूप में आतंकवाद न सिर्फ इंसानों पर बल्कि समूची इंसानियत की आत्मा पर हमला है। ये हर इंसान के भयमुक्त जीवन जीने के बुनियादी अधिकार को खत्म कर देता है।'

कारोबारी ने कहा कि निर्दोष लोगों के खून बहाने के कृत्य को जायज ठहराने के लिए कोई भी कारण, कोई भी तर्क उचित नहीं हो सकता। जिनका जीवन छिन गया, जिनका भविष्य छिन गया, जिनके दिल अकल्पनीय दुख से भर गए हैं। उन सबके लिए मैं शोक व्यक्त करता हूं। और मैं सभी से महात्मा गांधी जी की सीख को याद करने का आग्रह करता हूं। उन्होंने कहा था कि अहिंसा सबसे साहसी विकल्प होता है। हमारे देशवासियों का दुख हमारा अपना दुख है। आज इस दुख की घड़ी में एक ऐसी दुनिया बनाने के लिए प्रतिबद्धता व्यक्त करता हूं जहां कोई भी बच्चा, कोई भी परिवार, कोई भी समुदाय आतंक के साये में न रहे।'

Advertisement

रॉबर्ट वाड्रा के किस बयान पर हुआ था विवाद?

इसके पहले 23 अप्रैल को रॉबर्ट वाड्रा ने कहा था कि आतंकियों ने ऐसा इसलिए किया है कि मुसलमान कमजोर महसूस कर रहे हैं। रॉबर्ट वाड्रा ने एएनआई से बातचीत में कहा, ‘हमारे देश में हम देखते हैं कि ये सरकार हिंदुत्व की बात करती है। और अल्पसंख्यक असहज और परेशान महसूस करते हैं। यदि आप इस आतंकवादी कृत्य का विश्लेषण करते हैं, यदि वो(आतंकवादी) लोगों की पहचान देख रहे हैं तो वो ऐसा क्यों कर रहे हैं? क्योंकि हमारे देश में हिंदुओं और मुसलमानों के बीच एक विभाजन पैदा हो गया है। इससे इस तरह के संगठनों को लगेगा कि हिंदू सभी मुसलमानों के लिए समस्या पैदा कर रहे हैं।’

यह भी पढ़ें: क्या कांग्रेस सांसद की पत्नी को पाकिस्तान से मिलता है पैसा? भिड़े हिमंता और गोगोई

Advertisement
Published By:
 Dalchand Kumar
पब्लिश्ड