जल संसाधन और गंगा पुनरुद्धार के लिए बढ़ा बजट, वित्त मंत्री ने की 55 फीसदी की बढ़त वृद्धि

सीतारमण ने बजट पेश करते हुए कहा, ‘बिहार लगातार बाढ़ का दंश झेलता रहा है जिनमें से अधिकतर देश के बाहर से आने वाली नदियों की वजह से आती हैं।

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Nirmala Sitharaman uses a Made in India tablet for the announcement of Union Budget or Interim Budget.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण | Image: ANI

नयी दिल्ली, 23 जुलाई (भाषा) जल संसाधन, नदी विकास और गंगा पुनरुद्धार विभाग के लिए आवंटित कुल बजट 30,233.83 करोड़ रुपये हो गया है, जो पिछले वर्ष के 19,516.92 करोड़ रुपये के आवंटन से 55 प्रतिशत अधिक है। वित्त वर्ष 2024-25 के संशोधित बजट में विशेष रूप से प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं और नमामि गंगे मिशन-2 के लिए आवंटन में वृद्धि हुई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को बजट की घोषणा करते हुए कई राज्यों में बाढ़ नियंत्रण उपायों और सिंचाई परियोजनाओं को बढ़ाने के लिए 11,500 करोड़ रुपये की व्यापक वित्तीय सहायता योजना की घोषणा की।

सीतारमण ने बजट पेश करते हुए कहा, ‘बिहार लगातार बाढ़ का दंश झेलता रहा है जिनमें से अधिकतर देश के बाहर से आने वाली नदियों की वजह से आती हैं। नेपाल में बाढ़ नियंत्रण संरचनाएं बनाने की योजना अभी आगे नहीं बढ़ी है।’ उन्होंने कहा कि ब्रह्मपुत्र और भारत के बाहर से आने वाली उसकी सहयाक नदियों से हर साल आने वाली बाढ़ से असम प्रभावित रहता है और उसे भी बाढ़ प्रबंधन तथा संबंधित परियोजनाओं के लिए सहायता मिलेगी।


पिछले साल हिमाचल प्रदेश को हुए व्यापक नुकसान पर प्रकाश डालते हुए सीतारमण ने कहा, ‘हमारी सरकार बहुपक्षीय विकास सहायता के माध्यम से पुनर्निर्माण और पुनर्वास के लिए सहायता प्रदान करेगी।’उन्होंने कहा कि फरक्का बैराज परियोजना और बांध पुनर्वास और सुधार कार्यक्रम जैसे प्रमुख कार्यक्रमों सहित प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं के लिए बजट में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। उदाहरण के लिए, अकेले फरक्का बैराज परियोजना के लिए आवंटन पिछले वर्ष के संशोधित बजट 70.92 करोड़ रुपये से बढ़कर 127 करोड़ रुपये किया गया है।

इसी तरह, बांध पुनर्वास और सुधार कार्यक्रम में 54.05 करोड़ रुपये की वृद्धि देखी गई है। गंगा नदी के कायाकल्प के उद्देश्य से नमामि गंगे मिशन-2 को भी बजट 2024-25 में पर्याप्त आवंटन मिला है। इनके अलावा, राष्ट्रीय जल विज्ञान परियोजना और अटल भूजल योजना सहित जल संसाधन प्रबंधन परियोजनाओं के बजट में भी वृद्धि की गई है। भूजल प्रबंधन पर केंद्रित अटल भूजल योजना को पिछले वित्त वर्ष के 1,000 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1,778 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
 

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(Note: यह एक ब्रेकिंग स्टोरी है। अधिक जानकारी के साथ अपडेट हो रही है)

Published By:
 Ravindra Singh
पब्लिश्ड