'होइहि सोइ जो राम रचि राखा...', महिला पहलवानों के यौन शोषण केस में बरी होने के बाद बृजभूषण सिंह की पहली प्रतिक्रिया, समर्थकों में जश्न

महिला पहलवानों के यौन शोषण केस में पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह बरी हो गए हैं। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने उन्हें सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है। इसके बाद बृजभूषण सिंह की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है।

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Delhi Court Acquits Former WFI Chief Brij Bhushan Sharan Singh in Sexual Harassment Case Filed By Women Wrestlers
Delhi Court Acquits Former WFI Chief Brij Bhushan Sharan Singh in Sexual Harassment Case Filed By Women Wrestlers | Image: Republic

Brij Bhushan Sharan Singh: महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न मामले में बरी होने पर पूर्व भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह (Brij Bhushan Sharan Singh) की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। उनका कहना है कि मैंने पहले ही दिन कहा था कि अगर कोई भी आरोप साबित हो जाएगा तो मैं खुद फांसी पर लटक जाऊंगा। लेकिन आज कोर्ट ने बाइज्जत बरी किया, जो मेरे लिए खुशी की बात है।

बृजभूषण सिंह ने कहा कि सबसे पहले कोर्ट ने कहा कि मुझे और विनोद तोमर को बाइज्जत बरी किया जाता है। मैंने पहले दिन ही कहा था कि 10 जनवरी 2023 को मैंने कहा था कि ये मेरे खिलाफ साजिश और षड्यंत्र है। अगर मुझ पर लगे कोई भी आरोप सिद्ध होते हैं तो मैं खुद फांसी पर लटक जाऊंगा। आज तक मैं उसी बात पर कायम रहा। आज लगभग 3 साल के बाद अदालत ने मुझे और विनोद को बाइज्जत बरी किया। मेरी लिए और मेरे समर्थकों के लिए प्रसन्नता का विषय है।

होइहि सोइ जो राम रचि राखा- बृजभूषण सिंह

उन्होंने आगे कहा कि मैं 15-16 साल की उम्र से संघर्ष देख रहा हूं। मैंने हमेशा कमजोर तबके (जिनका हक मारा जाता है) के पक्ष में खड़ा रहा। मुझे खुद पर भरोसा था। मैं सामने वाले को नहीं जानता कि उनके मन में क्या है, लेकिन मैं अपने आप को भली-भांति जानता था। मुझे पूरा यकीन था कि मेरे साथ न्याय होगा और मेरा साथ न्याय हुआ। मैंने कभी भी अपने आप को अपराधी महसूस नहीं किया। मैं यह शेर भी उसी दिन पढ़ा था- इसलिए तो डगर-डगर बदनाम हो गए मेरे आंसू, मैं उनका हो गया जिनका कोई पहरेदार नहीं था। पद लोभी, आलोचक कैसे करते दर्द पुरस्कृत मेरा, मैंने जो कुछ गाया उसमें करुणा था, श्रृंगार नहीं था।

लड़ाई में भी हमारी ही जीत हुई- बृजभूषण 

बृजभूषण यही नहीं रुके, वे कहते हैं कि हम जो जूनियर खिलाड़ी थे, जिनका हक मारा जा रहा था, उनके लिए लड़ाई लड़ते थे। मुझे खुशी है कि उस लड़ाई में भी हमारी ही जीत हुई है। मुझे विश्वास है कि जिस लड़ाई को लड़कर हम निकले हैं, यानी जूनियर खिलाड़ी की लड़ाई लड़कर निकले हैं उन्हें न्याय मिले। अब वो आने वाले समय में हमारी कुश्ती का परचम पूरी दुनिया में लहराएंगे। मुझे पूरा विश्वास है। उन्होंने कहा कि होइहि सोइ जो राम रचि राखा। यानी कि वही होकर रहेगा जो भगवान राम (विधाता) ने पहले से ही रच या तय कर रखा है।

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विरोधियों पर साधा निशाना 

इसके अलावा उन्होंने विरोधियों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहलवानों के साथ आज जो बड़ी-बड़ी पार्टियां दिखाई दे रही है, याद करिए जंतर-मंतर पर कौन नहीं बैठा था। प्रियंका गांधी चली आई थी। आम आदमी पार्टी तो खाने-पीने की पूरी व्यवस्था कर रही थी। मेरे लिए फांसी और जिंदा जला देने की मांग हो रही थी। अब वे लोग अपने गिरेबान में झांके। 

समर्थकों में जश्न का माहौल

बता दें कि बृजभूषण शरण सिंह के मामले में बरी होने से उनके समर्थकों में जश्न का माहौल है। कोर्ट से बरी होने के बाद लोगों ने फूलों की माला और गुलदस्ते देकर बृज भूषण शरण सिंह को बधाई दी।

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Published By:
 Priyanka Yadav
पब्लिश्ड