'पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच ब्रिक्स देशों को शांतिदूत की भूमिका में आने की जरूरत', चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग ने ब्रिक्स के मंच से दिया संदेश

Xi Jinping BRICS Summit 2026: ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच ब्रिक्स देशों से शांतिदूत की भूमिका निभाने का आह्वान किया है।

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Xi Jinping calls on BRICS nations to take on peace maker role amid West Asia conflict
BRICS में बोले जिनपिंग: पश्चिम एशिया तनाव के बीच ब्रिक्स बने शांतिदूत | Image: ANI

BRICS Summit 2026 Xi Jinping: चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ब्रिक्स देशों से पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच शांति स्थापित करने की भूमिका निभाने का आग्रह किया है। समाचार एजेंसी एएनआई ने रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार बताया कि नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए शी जिनपिंग ने कहा कि चीन इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए ब्रिक्स समूह के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर काम करेगा, क्योंकि मध्य पूर्व का संघर्ष "अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के साझा हितों के अनुरूप नहीं है"। सरकारी टीवी चैनल CCTV ने शी के हवाले से यह जानकारी दी।

ब्रिक्स समूह से मध्य पूर्व संघर्ष में शांतिदूत बनने का आग्रह-शी जिनपिंग

"चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने आज नई दिल्ली में सदस्य देशों के शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए ब्रिक्स समूह से मध्य पूर्व संघर्ष में शांतिदूत की भूमिका निभाने का आग्रह किया। चीन इस भूमिका में अन्य ब्रिक्स सदस्यों के साथ मिलकर काम करेगा, क्योंकि यह युद्ध 'अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साझा हितों के अनुरूप नहीं है।' समाचार एजेंसी एएनआई ने सरकारी टीवी चैनल CCTV ने शी के हवाले से यह बात कही है।

ब्रिक्स 'ग्लोबल साउथ' में एक "अग्रणी समूह"

चीनी राष्ट्रपति ने इस समूह को 'ग्लोबल साउथ' में एक "अग्रणी समूह" और उभरते व विकासशील देशों के बीच आत्मनिर्भरता का एक ऐसा मॉडल बताया, जिसे इनोवेशन-आधारित विकास को बढ़ावा देना चाहिए।

2027 में चीन होगा ब्रिक्स का मेजबान

2027 में चीन ब्रिक्स की रोटेटिंग प्रेसीडेंसी (बारी-बारी से मिलने वाली अध्यक्षता) संभालेगा। चीनी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार चीन सच्चे बहुपक्षवाद के ज़रिए एकता की नींव को मजबूत करना जारी रखेगा।

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 सहयोग मंचों के माध्यम से विकास रणनीतियों में बेहतर तालमेल को बढ़ावा देगा और ग्लोबल डेवलपमेंट इनिशिएटिव, ग्लोबल सिक्योरिटी इनिशिएटिव, ग्लोबल सिविलाइजेशन इनिशिएटिव और ग्लोबल गवर्नेंस इनिशिएटिव के ज़रिए साझा विकास के लिए गति पैदा करेगा। यह डिजिटल अर्थव्यवस्था, ग्रीन डेवलपमेंट, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, गरीबी कम करने और कृषि विकास जैसे क्षेत्रों में और भी महत्वपूर्ण परिणाम हासिल करने की कोशिश करेगा।

ये भी पढ़ें: ग्लोबल साउथ आज वैश्विक संकटों की फ्रंट रो में... अगली समिट तक 10 प्रस्तावों वाला ब्रिक्स रिफॉर्म रोडमैप तैयार करने का PM मोदी ने मंच से किया आह्वान

 

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Published By:
 Sahitya Maurya
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