पुतिन ने G-7 को जमकर लताड़ा... PM मोदी, पेजेशकियान समेत दुनिया के दिग्गज नेताओं का एक साथ कमदताल, BRICS के मंच से दुनिया को कड़ा संदेश

BRICS 2026: ब्रिक्स बिजनेस फोरम 2026 के दौरान रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान और दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा जैसे राष्ट्राध्यक्षों अपने-अपने विचार रखें। इस दौरान पुतिन ने G-7 को जमकर लताड़ा। वहीं, ईरानी राष्ट्रपति ने वैश्विक उथल पुथल पर चिंता जाहीर की।

  • Facebook Share Icon
  • Twitter Share Icon
  • WhatsApp Share Icon
 
Follow : Google News Icon
BRICS hand-in-hand PM Modi Putin Pezeshkian strong message to world
पुतिन ने G-7 को जमकर लताड़ा... BRICS के मंच से दुनिया को कड़ा संदेश | Image: ANI

BRICS 2026: 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 12 और 13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित किया जा रहा है। सम्मेलन से एक दिन पहले भारत मंडपम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान और दक्षिण अफ़्रीकी राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा जैसे राष्ट्राध्यक्षों ने ब्रिक्स (BRICS) बिजनेस फोरम 2026 को संबोधित किया। इस बीच ब्रिक्स के नेताओं को कंधे से कंधा मिलाकर चलते हुए देखा गया।

ब्रिक्स बिजनेस फोरम 2026 को संबोधित करते हुए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने G-7 को जमकर लताड़ा। उन्होंने कहा 'पिछले पांच वर्षों में विश्व के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 40 प्रतिशत से अधिक का योगदान ब्रिक्स देशों का रहा है, जबकि तथाकथित जी7, जिसे वे महान 7 क्यों कहते हैं का योगदान केवल 29 प्रतिशत है।" वहीं, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने मंच से कहा 'आज दुनिया अपने सबसे मुश्किल दौर से गुजर रही है। सप्लाई चेन में रुकावट और राजनीतिक दबाव सबसे बड़ी चुनौती है।

ब्रिक्स GDP में G-7 से आगे-रूसी राष्ट्रपति

ब्रिक्स बिजनेस फोरम 2026 को संबोधित करते हुए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा 'ब्रिक्स GDP में G-7 से आगे निकल गया है। पिछले पांच वर्षों में, विश्व के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 40 प्रतिशत से अधिक का योगदान ब्रिक्स देशों का रहा है, जबकि तथाकथित जी7, जिसे वे महान 7 क्यों कहते हैं, का योगदान केवल 29 प्रतिशत है।'

आगे उन्होंने कहा 'इसी अवधि में विश्व अर्थव्यवस्था की वृद्धि की बात करें तो हम देखते हैं कि इस वृद्धि का आधे से अधिक हिस्सा ब्रिक्स देशों का है, जबकि जी7 का योगदान केवल 18% है। ऐसा क्यों है? इसका उत्तर सरल है, ब्रिक्स देशों में विश्व की आधी से अधिक जनसंख्या रहती है और इसलिए उनके पास एक मजबूत, गतिशील और जीवंत घरेलू बाजार है।’

Advertisement

पश्चिम देश अब कमजोर हो रहे-पुतिन

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बिज़नेस फोरम 2026 को संबोधित करते हुए आगे कहा कि पश्चिम देश अब कमजोर हो रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि "अभी दुनिया में गहरे और बुनियादी बदलाव हो रहे हैं। इसकी वजह यह है कि जो देश 20वीं सदी के दूसरे हिस्से में आर्थिक विकास में सबसे आगे थे, उनकी जगह अब विकास के नए इंजन ले रहे हैं। जब मैं 'पुराने' कहता हूँ, तो हम सभी समझते हैं कि हम किस बारे में बात कर रहे हैं।

दुनिया अपने सबसे मुश्किल दौर से गुजर रही-ईरानी राष्ट्रपति

वहीं, ब्रिक्स बिजनेस फोरम के लीडर्स सेशन में बोलते हुए ईरानी राष्ट्रपति पेज़ेश्कियान ने कहा 'आज दुनिया अपने सबसे मुश्किल दौर से गुज़र रही है। सप्लाई चेन में रुकावट और राजनीतिक दबाव बनाने के लिए आर्थिक साधनों के बढ़ते इस्तेमाल ने आर्थिक माहौल को और भी जटिल बना दिया है।

Advertisement

जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता, सप्लाई चेन में रुकावट और राजनीतिक दबाव बनाने के लिए आर्थिक साधनों का बढ़ता इस्तेमाल इन सब ने उस आर्थिक माहौल को और जटिल बना दिया है जिसमें देश काम करते हैं।'

आगे उन्होंने कहा 'सवाल यह है कि इन चुनौतियों पर ब्रिक्स का क्या जवाब है? हमारा मानना है कि ब्रिक्स की असली ताकत सिर्फ़ उसके सदस्य देशों की अर्थव्यवस्था के आकार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह तब और साफ तौर पर दिखती है जब इन क्षमताओं को व्यापार, निवेश और जॉइंट फाइनेंसिंग के नेटवर्क में बदला जाता है, यानी संभावित सहयोग से असल कामकाज वाले सहयोग की ओर बढ़ना।

ब्रिक्स देशों में विश्व की 50 प्रतिशत आबादी-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने ब्रिक्स बिजनेस फोरम के मंच से कहा 'आज ब्रिक्स देशों में विश्व की 50 प्रतिशत आबादी, 40 प्रतिशत सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) और 25 प्रतिशत से अधिक वैश्विक व्यापार शामिल है। इसके अलावा, जहां इन वर्षों में वैश्विक जीडीपी लगभग ढाई गुना बढ़ी है, वहीं ब्रिक्स देशों की संयुक्त जीडीपी लगभग साढ़े चार गुना बढ़ी है। दूसरे शब्दों में, ब्रिक्स की आर्थिक शक्ति शेष विश्व की तुलना में लगभग दोगुनी गति से बढ़ी है।

BRICS के मंच से दुनिया को कड़ा संदेश

वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जहां दुनिया के अन्य देश व्यापार में दीवारें (Trade Barriers) खड़ी कर रहे हैं, वहीं भारत आर्थिक सेतु (Economic Bridges) का निर्माण कर रहा है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से लेकर ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियान का BRICS के मंच दिया गया बयान दुनिया के लिए कड़ा संदेश माना जा रहा है।

ये भी पढ़ें: BRICS 2026: PM मोदी और रूसी राष्ट्रपति पुतिन के बीच गर्मजोशी से मुलाकात, 2030 तक दोनों देशों के बीच व्यापार 100 अरब डालर बढ़ाने का लक्ष्य
 

Published By:
 Sahitya Maurya
पब्लिश्ड