BREAKING: मेरठ के अमित कश्यप हत्याकांड में रविता और अमरदीप को फांसी की सजा, प्रेमी संग मिल सांप से डसवा कर की थी पति की हत्या
मेरठ के चर्चित अमित कश्यप हत्याकांड में अदालत ने फैसला सुनाते हुए उनकी पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश कर फांसी की सजा सुनाई है। यह खौफनाक साजिश 12 अप्रैल 2025 को रची गई थी, जिसमें अमित की हत्या सांप के जरिए करने की योजना बनाई गई थी ताकि इसे एक प्राकृतिक दुर्घटना या सांप के काटने से हुई मौत साबित किया जा सके।
- भारत
- 2 min read

BREAKING: उत्तर प्रदेश के मेरठ में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां रविता नामक महिला ने अपने प्रेमी अमरदीप के साथ मिलकर अपने ही पति अमित कश्यप की क्रूरता से हत्या कर दी थी। जिला न्यायालय ने दोनों को इस जघन्य अपराध के लिए 7 अक्टूबर को दोषी करार दिया था। आज, 16 अक्टूबर को कोर्ट ने अपना अंतिम फैसला सुनाते हुए दोनों को फांसी की सजा दी है। इस मामले की सुनवाई के दौरान रविता और अमरदीप को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश किया गया था। न्यायालय के फैसले से ठीक पहले आरोपी रविता ने बयान दिया था कि उसे अदालत का जो भी निर्णय होगा, वह पूरी तरह से मंजूर होगा।
बिस्तर पर मिला शव और सर्पदंश का दावा
13 अप्रैल 2025 की सुबह अमित कश्यप का शव उसके बिस्तर पर मिला, जिसके नीचे एक जिंदा घोड़ा पछाड़ सांप दबा हुआ था। अमित के शरीर पर सांप के काटने के 10 निशान भी थे। उसकी पत्नी रविता ने दावा किया कि उसकी मौत सांप के काटने से हुई है, जिसे परिजनों ने भी सच मान लिया था।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोली पोल
पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने इस रहस्य से पर्दा उठा दिया। रिपोर्ट के अनुसार, अमित की मौत सांप के काटने से नहीं बल्कि दम घुटने से हुई थी। उसका गला, नाक और मुंह दबाया गया था, जिससे गर्दन की हायॉइड हड्डी और थायरॉइड कार्टिलेज टूट गई थीं। कॉल डिटेल खंगालने पर पता चला कि वारदात के 24 घंटे के भीतर रविता और अमरदीप के बीच 51 बार बातचीत हुई थी।
अवैध संबंध और हत्या की साजिश
पुलिस जांच में सामने आया कि रविता और अमरदीप के प्रेम संबंधों में अमित बाधा बन रहा था। 12 अप्रैल 2025 की रात दोनों ने मिलकर अमित की गला घोंटकर हत्या कर दी। हत्या को सर्पदंश का रूप देने के लिए बिस्तर पर जिंदा सांप छोड़ा गया था। अमरदीप ने जागरण का बहाना बना कर एक सपेरे से 1,000 में सांप खरीदा था। पुलिस ने 26 जून 2025 को अदालत में आरोप-पत्र दाखिल कर दिया।