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Updated June 7th, 2024 at 19:57 IST

उत्तराखंड में खराब मौसम के कारण जान गंवाने वाले कर्नाटक के 9 ट्रैकर के शव बेंगलुरु लाए गए

उत्तराखंड में खराब मौसम के कारण जान गंवाने वाले कर्नाटक के नौ ट्रैकर के शव शुक्रवार को दिल्ली के रास्ते बेंगलुरु लाए गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

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Trekkers | Image:Shutterstock
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उत्तराखंड में खराब मौसम के कारण जान गंवाने वाले कर्नाटक के नौ ट्रैकर के शव शुक्रवार को दिल्ली के रास्ते बेंगलुरु लाए गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। मनेरी के ‘हिमालयन व्यू ट्रैकिंग एजेंसी’ ने 29 मई को उत्तरकाशी से 35 किलोमीटर लंबे ट्रैक पर 22 सदस्यीय ट्रैकिंग दल भेजा था।

एक सरकारी अधिकारी ने बताया, ‘‘उत्तराखंड में खराब मौसम के कारण जान गंवाने वाले तीन ट्रैकर के शव आज सुबह 5:45 बजे इंडिगो की उड़ान से दिल्ली के रास्ते बेंगलुरु हवाई अड्डे लाए गए। सरकारी अधिकारियों ने शवों को अपने कब्जे में ले लिया और उन्हें उनके परिवार तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई। ”

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उन्होंने कहा कि बाद में शेष छह ट्रैकर के शव लाए गए। अधिकार ने कहा कि मृतकों की पहचान पद्मिनी हेगड़े, वेंकटेश प्रसाद, आशा सुधाकर, पद्मनाभ कुंडापुर कृष्णमूर्ति, सिंधू वाकेकलम, विनायक मुंगुरवाड़ी, सुजाता मुंगुरवाड़ी, चित्रा प्रणीत और अनीत रंगप्पा के रूप में हुई है।

उन्होंने कहा, “सभी नौ शव लाए जा चुके हैं और अंतिम संस्कार के लिए संबंधित परिवारों को सौंप दिए गए हैं। ट्रैकिंग दल में शामिल रहे 13 लोग पहले ही पहुंच चुके हैं। जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं।”

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कर्नाटक के राजस्व मंत्री कृष्ण बायरे गौड़ा 13 ट्रैकर के साथ बृहस्पतिवार शाम को बेंगलुरु पहुंचे थे। घटना के सामने आने पर गौड़ा बचाव अभियान की निगरानी और समन्वय के लिए बुधवार को देहरादून पहुंचे थे।

मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने संबंधित अधिकारियों को ट्रैकरों को सुरक्षित निकालने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने और मृतकों के शवों को तुरंत राज्य में लाने के निर्देश दिए थे। राजस्व मंत्री के अनुसार कर्नाटक की एक ट्रैकिंग टीम ने मंगलवार सुबह उत्तराखंड के सहस्रताल मायाली के ऊंचाई वाले इलाके में ट्रैकिंग शुरू की थी। गंतव्य पर पहुंचने के बाद, टीम ने फिर से कैंप में लौटने की कोशिश की। लेकिन, वापसी के दौरान दोपहर दो बजे बर्फानी तूफान के कारण मौसम पूरी तरह खराब हो गया और वे फंस गए।

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(Note: इस भाषा कॉपी में हेडलाइन के अलावा कोई बदलाव नहीं किया गया है)

Published June 7th, 2024 at 19:33 IST

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