'वन नेशन-वन इलेक्शन' पर BJP MP कंगना रनौत का बड़ा दावा- 'ये समय की जरूरत है, पक्ष-विपक्ष सभी...

भारतीय जनता पार्टी की सांसद और एक्ट्रेस कंगना रनौत ने 'एक देश-एक चुनाव’ का पुरजोर समर्थन करते हुए कहा कि यह समय की जरूरत है।

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Kangana Ranaut
BJP सांसद कंगना रनौत ने नए विवाद को दिया न्यौता | Image: PTI

Kangana Ranaut on One Nation-One Election: भारतीय जनता पार्टी की सांसद और एक्ट्रेस कंगना रनौत ने 'एक देश-एक चुनाव’ का पुरजोर समर्थन करते हुए कहा कि यह समय की जरूरत है। 

केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा ‘एक देश, एक चुनाव’ विधेयक को मंजूरी दिए जाने के कुछ घंटे बाद कंगना रनौत ने कहा कि बार-बार चुनाव में देश का बहुत पैसा खर्च होता है। इसकी वजह से कई काम है जिसमें बाधा पैदा होती है।

'एक देश, एक चुनाव समय की जरूरत'

कंगना रनौत ने कहा, 

'देश के लिए 'एक राष्ट्र-एक चुनाव' उत्साह की एक लहर लेकर आया है। सबसे पहले तो (चुनाव के दौरान) इतना खर्चा होता है, महीने भर से अधिक समय के लिए सभी कर्मचारी कार्यों में संलग्न हो जाते हैं, सारे संस्थान रुक जाते हैं और हमारे देश वासियों को बार-बार मतदान के लिए भेजा जाता है। यह इस समय की जरूरत है। हालांकि ये बहुत पहले हो जाना चाहिए था।'

सत्ता पक्ष और विपक्ष सभी समर्थन में- कंगना

उन्होंने आगे कहा कि मुझे लगता है कि ‘सत्ता पक्ष और विपक्ष के सभी लोग इसके पक्ष में है। सभी चाहते हैं कि एक राष्ट्र-एक चुनाव हो। यह बहुत पहले हो जाना चाहिए था, लेकिन अब हमारे प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में ही हो रहा है।’

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चिराग पासवान ने दिया ये तर्क 

इससे पहले केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) नेता चिराग पासवान ने भी ‘एक देश एक चुनाव’ का समर्थन करते हुए कहा कि यह राष्ट्रीय हित में है। एक साथ चुनाव कराने से विकास को बढ़ावा मिलेगा।

चिराग पासवान कहते हैं कि बार-बार चुनाव देश के विकास में बाधक हैं। यह (एक साथ चुनाव) देश के हित में है। पासवान ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी लंबे समय से एक साथ चुनाव कराए जाने की अवधारणा का समर्थन करती रही है।

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'एक देश-एक चुनाव' बिल को मोदी कैबिनेट की मंजूरी

बता दें कि 'एक देश-एक चुनाव' की दिशा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाले केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बड़ा कदम उठाया है। गुरुवार को केंद्रीय कैबिनेट की बैठक हुई, जिसमें 'वन नेशन वन इलेक्शन' के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। सूत्रों ने इसकी जानकारी दी है। साथ ही सूत्रों ने बताया है कि इस विधेयक को जल्द संसद के पटल पर भी रखा जा सकता है।

वर्तमान में देश के भीतर राज्यों के विधानसभा चुनाव अलग-अलग समय पर होते हैं, जबकि लोकसभा के चुनाव भी अलग समय पर होते हैं। हालांकि सरकार का उद्देश्य 100 दिनों के भीतर शहरी निकाय और पंचायत चुनावों के साथ-साथ लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराना है। फिलहाल इसी से जुड़े प्रस्ताव को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी है। हाल ही में  पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता वाली एक हाईलेवल कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सौंपी थी। सरकार सितंबर में रामनाथ कोविंद वाली कमेटी की सिफारिशों को स्वीकार कर चुकी है।

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Published By:
 Priyanka Yadav
पब्लिश्ड