'घर घर रामायण' के तहत 11 लाख रामायण बाटेंगे सांसद अरुण गोविल, बोले- ये हमारी धरोहर; देश और समाज पड़ेगा सकारात्मक असर

Ghar Ghar Ramayana: उत्तर प्रदेश के मेरठ से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सासंद अरुण गोविल (Arun Govil) ने कहा कि 'घर घर रामायण' अभियान की शुरूआत करने जा रहे हैं।

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 MP Arun Govil will distribute 11 lakh Ramayan under 'Ghar Ghar Ramayan'
'घर घर रामायण' के तहत 11 लाख रामायण बाटेंगे सांसद अरुण गोविल | Image: X- @arungovil12

Ghar Ghar Ramayana: उत्तर प्रदेश के मेरठ से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सासंद अरुण गोविल (Arun Govil) ने कहा कि 'घर घर रामायण' अभियान की शुरूआत करने जा रहे हैं। इस अभियान के तहत वो 5 साल में 11 लाख रामायण (Ramayana) बांटेंगे। उन्होंने कहा कि मेरी पत्नी मेरे साथ है, या कह सकते हैं कि मैं पत्नी के साथ हूं। मैं राजनीति में आना नहीं चाहता था। मुझे यहां भेज दिया गया या राम जी ने जिसके भी मन में बात डाली। उसने भेज दिया। मेरी सड़क बनवा दो, श्मशान की दीवार बनवा दो। नाली ठीक करवा दो। पानी की व्यवस्था करवा दो। ये लोगों की मांगें अपनी जगह ठीक हैं। लेकिन मैं ये नहीं मानता हूं कि मैं सिर्फ इन चीजों के लिए आया हूं। मेरी जो शुरुआत घर-घर में आने वाले रामायण से है।

मेरठ सांसद अरुण गोविल ने कहा वो 5 साल में देश में 11 लाख रामायण बांटेंगे। घर-घर रामायण अभियान के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र भी लिखा है। 22 जनवरी को किठौर और हापुड़ से वे इसकी शुरुआत करेंगे। उन्होंने कहा कि रामजी की कृपा से वो ऐसा कर पाएंगे। रामायण पढ़ने का असर देश, समाज पर पड़ेगा। रामायण हमारी धरोहर है। सांसद होना बाद में पहले मैं भारत का नागरिक हूं। ये सब करना मेरा कर्तव्य है।

रामायण पारिवारिक, सामाजिक रिश्तों का संग्रह है- अरुण गोविल

अरुण गोविल ने कहा रामायण में दुश्मनों में भी रिश्ता दिखाई देता है। रामायण को 10 प्रतिशत भी जीवन में उतार लें तो कल्याण होगा। रामायण, पारिवारिक, सामाजिक रिश्तों का संग्रह है। हम खुद अपने जीवन में ज्यादा समस्याएं पैदा करते हैं। घर में शांति नहीं तो काम नहीं कर पाएंगे। पारिवारिक शांति बेहद जरूरी। रामायण जो हमें देती है हमें लेना नहीं आता। जिंदगी में सुखी रहने को पॉजिटिवनेस जरूरी। उन्होंने कहा कि मैं फेम के लिए ये सब नहीं कर रहा हूं। इस मौके पर उन्होंने "घर घर रामायण डॉट कॉम" वेबसाइट भी लॉन्च की।

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X- @arungovil12

अरुण गोविल का मेरठ से है पुराना नाता 

रामायण में ‘श्रीराम’ का किरदार निभाने वाले अरुण गोविल के पास स्टारडम के अलावा उनका मेरठ कनेक्शन भी है। उनका जन्म 12 जनवरी 1958 को मेरठ कैंट में हुआ। उनके पिता चंद्रप्रकाश गोविल मेरठ नगर पालिका से जलकल अभियंता थे। अरुण गोविल की शुरुआती पढ़ाई मेरठ के एक स्कूल में ही हुई। इसके बाद मेरठ के चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। उनके पिता चाहते थे कि वह एक सरकारी कर्मचारी बने, जबकि अरुण कुछ ऐसा करना चाहते थे जिसके लिए उन्हें याद किया जाए। अरुण 6 भाई और 2 बहनों में चौथे नंबर के हैं। गोविल ने अभिनेत्री श्रीलेखा से शादी की है। उनके दो बच्चे हैं, सोनिका और अमल। 1975 में 17 साल की उम्र में अरुण मुंबई आ गए थे, जहां उनके भाई का सैटल्ड बिजनेस था।

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Published By:
 Deepak Gupta
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