अपडेटेड 18 March 2025 at 14:26 IST
भाजपा सदस्य ने साइबर धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों पर जताई चिंता, सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदानंद म्हालू शेत तानवड़े ने मंगलवार को अवांछित स्पैम और फर्जी ऑडियो व वीडियो कॉल से जुड़े साइबर धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों पर चिंता जताई और व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
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भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदानंद म्हालू शेत तानवड़े ने मंगलवार को अवांछित स्पैम और फर्जी ऑडियो व वीडियो कॉल से जुड़े साइबर धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों पर चिंता जताई और व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
राज्यसभा में शून्यकाल के दौरान यह मुद्दा उठाते हुए भाजपा सदस्य ने कहा कि धोखाधड़ी वाली कॉल और साइबर घोटाले की बढ़ती घटनाएं भारतीय नागरिकों की निजता, सुरक्षा और वित्तीय कल्याण के लिए गंभीर खतरा बन गई हैं। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया मंचों के जरिए अवांछित स्पैम कॉल, धोखाधड़ी वाले ऑडियो और वीडियो कॉल तथा ईमेल, एसएमएस और फिशिंग वेबसाइटों के जरिए भेजे जाने वाले भ्रामक संदेशों में तेजी से वृद्धि हुई है।
तानवड़े ने कहा कि इस तरह की धोखाधड़ी की गतिविधियों को ऐसे व्यक्तियों द्वारा अंजाम दिया जा रहा है जो खुद को वैध वित्त संस्थानों, सरकारी एजेंसियों और कानून प्रवर्तन अधिकारियों के रूप में पेश करते हैं। उन्होंने कहा कि नतीजतन, हजारों निर्दोष नागरिकों ने अपनी मेहनत की कमाई खो दी है, और कई लोग डिजिटल धोखाधड़ी के शिकार हो रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि एक विशेष रूप से खतरनाक पहलू यह है कि धोखेबाजों के पास अक्सर पीड़ितों के व्यापक व्यक्तिगत विवरण होते हैं।
भाजपा सदस्य ने कहा कि इससे डेटा गोपनीयता और डेटा ब्रोकरों और टेलीमेडिसिन मार्केटर्स द्वारा अनधिकृत पहुंच और व्यक्तिगत जानकारी की बिक्री के बारे में गंभीर चिंताएं पैदा होती हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि स्पैमर और धोखेबाज अवैध रूप से विभिन्न माध्यमों से फोन नंबर और व्यक्तिगत विवरण प्राप्त करते हैं, जिसमें डेटा हार्वेस्टिंग, डेटा माइनिंग और थर्ड पार्टी या डेटा बैंक रखने वाली कंपनियों से साइबर-रेडीमेड डेटा खरीदना शामिल है।
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उन्होंने कहा कि सरकार ने विभिन्न कानूनों और परीक्षणों के साथ 'रजिस्ट्री को बाधित न करें' जैसे तंत्र पेश किए हैं, लेकिन टेलीमार्केटिंग प्रथाएं, अनधिकृत डेटा बिक्री और गोपनीयता उल्लंघन बड़े पैमाने पर बने हुए हैं, जिससे नागरिकों के शोषण का खतरा है। तानवड़े ने जोर देकर कहा कि निजता का अधिकार और डेटा सुरक्षा एक मौलिक अधिकार है और यह जरूरी है कि सरकार नागरिकों को डेटा दुरुपयोग और अवांछित कॉल से बचाने के लिए कार्रवाई करे। उन्होंने सरकार से व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित करने और बढ़ते खतरे को समाप्त करने के लिए हस्तक्षेप करने का आग्रह किया।
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Published By : Shubhamvada Pandey
पब्लिश्ड 18 March 2025 at 14:26 IST