'राहुल गांधी रिजीम चेंज की बात कहकर जनता को चुनौती दे रहे...', बीजेपी नेता शाहनवाज हुसैन का बड़ा बयान
Syed Shahnawaz Hussain attacks Rahul Gandhi: सैयद शाहनवाज हुसैन ने तीखा प्रहार करते हुए कहा है कि राहुल गांधी और उनके सहयोगी रिजीम चेंज की बात कहकर जनता को चुनौती दे रहे हैं।
- भारत
- 5 min read

Syed Shahnawaz Hussain: केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्ष पर चुन-चुनकर तीखा प्रहार किया। उन्होंने रिजीम चेंज वाली बात पर भी आईना दिखाया। अब इस पर भाजपा नेता सैयद शाहनवाज हुसैन की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा है कि वे औैर उनके सहयोगी रिजीम चेंज की बात कहकर सीधे जनता को चुनौती दे रहे हैं।
सैयद शाहनवाज हुसैन ने समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा, 'राजनाथ सिंह ने सही कहा है कि राहुल गांधी एक गलत रास्ते पर चल रहे हैं। उनको टकराव की जगह समाधान में विश्वास रखना चाहिए। राहुल गांधी जनमत का सम्मान नहीं कर रहे हैं। देश की जनता ने प्रधानमंत्री मोदी को जनमत दिया है। वे प्रधान सेवक होने के नाते देश की सेवा कर रहे हैं, लेकिन राहुल गांधी और उनके सहयोगी जिस तरह रिजीम चेंज की बात कर रहे हैं, वो जनता को चुनौती दे रहे हैं।'
राहुल देश की जनता का अपमान कर रहे- शाहनवाज
उन्होंने आगे कहा, 'वो देश की जनता का अपमान कर रहे हैं। इस देश की जनता ने लाइन में खड़े होकर एक-एक वोट देकर पीएम मोदी की सरकार को चुना है। यह एजेंडा चल रहा है और इसके पीछे बहुत बड़ी ताकतें हैं, जो देश के शासन के खिलाफ चुनौती बनना चाहती है। लेकिन देश की जनता इसको कहीं से भी स्वीकार नहीं करेगी।'
राजनाथ सिंह ने क्या कहा था?
राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि दिल्ली में पिछले दिनों जो घटनाक्रम हुए, वो कई गंभीर सवाल खड़े करते हैं। ऐसा लगता है कि कांग्रेस और उनके राजनीतिक सहयोगी प्रत्यक्ष रूप से और अपने समर्थक संगठनों के माध्यम से युवाओं की उर्जा को रचनात्मक कार्यों और राष्ट्रनिर्माण की दिशा में लाने की जगह राजनीतिक टकराव और अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। देश के नौजवानों को अराजकता की राजनीत का मोहरा बनाने की कोशिश की जा रही है। बांग्लादेश की तर्ज पर शासन बदलना चाहते हैं और एक प्रेस वार्ता में खुलकर कहते हैं कि उसने शासन बदलने की प्ररेणा बांग्लादेश से ली है। तो दूसरा डंके की चोट पर सरकार गिराने की बात करता है। यह साफ करता है कि इनका इकलौता एजेंडा लोकतांत्रिक संस्थाओं को ध्वस्त करना और देश में आग लगाना है। शासन बदलने जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया जा रहा है, इससे पता चलता है कि उनकी लड़ाई चुनाव सुधार, SIR, ज्ञानेश कुमार, देश के नौजवानों के उज्जवल भविष्य के लिए नहीं है। उनकी लड़ाई देश में अराजकता पैदा करके सत्ता हासिल करने की उनकी साजिश है।
Advertisement
राहुल गांधी और विपक्ष पर भड़के राजनाथ सिंह
उन्होंने आगे कहा कि राहुल गांधी और उनके सहयोगियों को यह समझना होगा कि लोकतंत्र में अराजकता फैलाना, संवैधानिक संस्थाओं की साख पर चोट करने या भारत की विकास यात्रा में बाधा डालने का लाइसेंस नहीं है। सर्वोच्च न्यायालय के कल की टिप्पणी भी मैं समझता हूं कि इसी ओर एक संकेत है। कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए कानून का सम्मान करना भी आवश्यक है। भारत की लोकतांत्रिक संस्थाएं राजनीतिक स्वार्थों की बली नहीं चढ़ाई जा सकती है। इन्हें समझना होगा कि झूठे आक्रोश, संस्थाओं को बदनाम करने का प्रयास और राजनीतिक अवसरवाद के सहारे भारत की विकास यात्रा को कदापि बाधित नहीं किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को लोकतंत्र की रक्षा के नाम पर व्यवधान की राजनीति करने के बजाय जनमत का सम्मान करते हुए अपनी राजनीतिक भूमिका पर आत्ममंथन करना चाहिए; यह मेरा राहुल गांधी को सुझाव है।
Advertisement
किस बयान पर मचा है पूरा बवाल?
गुरुवार को वकील प्रशांत भूषण, नेहा बोरा और अभिजीत दीपके ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। इस दौरान प्रशांत भूषण ने कहा कि सत्ता परिवर्तन तो जरूर होगा। हम सभी सत्ता परिवर्तन चाहते हैं। क्या इसमें कुछ गलत है? प्रशांत भूषण के इसी बयान पर हंगामा खड़ा हो गया है। अब बीजेपी इस बयान के बाद राहुल गांधी को निशाने पर ले रही है।