पटना में 15 मिनट की ब्लैकआउट मॉकड्रिल के दौरान मसाला कारोबारी की हत्या, अंधेरे का फायदा उठाकर शुरूआती 5 मिनट में मारी गोली
पटना में सिविल डिफेंस ब्लैकआउट मॉक ड्रिल के दौरान मसाला कारोबारी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। अंधेरे का फायदा उठाकर अपराधी हत्या कर फरार हो गए। घटना मॉक ड्रिल शुरू होने के मात्र 5 मिनट बाद हुई।
- भारत
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Bihar Crime : बिहार की राजधानी पटना में सिविल डिफेंस की 15 मिनट की ब्लैकआउट मॉक ड्रिल के दौरान एक हत्याकांड को अंजाम दे दिया गया। अंधेरे का फायदा उठाकर अपराधियों ने 35 वर्षीय मसाला कारोबारी पिंटू कुमार उर्फ बड़का को सिर में गोली मार दी। घटना सुलतानगंज थाना क्षेत्र के मुसल्लहपुर हाट के पास हुई।
राज्य सरकार के निर्देश पर गुरुवार को शाम 7 बजे से 7:15 बजे तक पटना समेत कई जिलों में एयर रेड और ब्लैकआउट मॉक ड्रिल चलाई गई। इस दौरान पूरे इलाके में बिजली काट दी गई और अंधेरा छा गया। ठीक इसी अंधेरे का लाभ उठाते हुए बदमाशों में हत्या को अंजाम दिया, अपराधी पहले से घात लगाकर बैठे थे।
ब्लैकआउट शुरू होने के महज 5 मिनट बाद ही बदमाशों ने पिंटू कुमार को निशाना बनाया। गोली सिर में लगने के बाद वे सड़क पर गिर पड़े। मौके पर मौजूद लोगों में दहशत फैल गई, लेकिन अंधेरे के कारण अपराधी आसानी से फरार हो गए।
एक ही गोली से हत्या
पटना सिटी के एएसपी राजकिशोर ने घटनास्थल पर पहुंचकर मीडिया से बात की। उन्होंने बताया कि पिंटू कुमार को ब्लैकआउट के दौरान गोली मारी गई। उन्हें अस्पताल भेजा गया था, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया। प्रारंभिक जांच में पता चला कि केवल एक अपराधी शामिल था और एक ही गोली चलाई गई।
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पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूत जुटाकर अपराधी की तलाश में जुटी हुई है। पुलिस का कहना है कि हत्या की पृष्ठभूमि की जांच की जा रही है। मृतक मसाला का कारोबार करते थे और इलाके में सक्रिय थे।
मॉक ड्रिल का उद्देश्य
यह मॉक ड्रिल गृह मंत्रालय के निर्देश पर की गई थी, जिसमें पटना, किशनगंज, बेगूसराय, पूर्णिया, अररिया और कटिहार जिलों को शामिल किया गया। इसका मकसद नागरिकों को आपातकालीन स्थितियों जैसे युद्ध या आपदा के लिए तैयार करना था। प्रशासन ने पहले ही लोगों से अपील की थी कि वे घबराएं नहीं और मोबाइल फ्लैशलाइट या अन्य रोशनी का इस्तेमाल न करें।
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इस वारदात से पूरे मुसल्लहपुर हाट इलाके में दहशत का माहौल है। व्यापारियों ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं कि मॉक ड्रिल के समय सुरक्षा के इंतजाम क्यों कमजोर रहे।