Bihar: पर्चा लीक करने वालों की आएगी शामत, पेपर लीक को बिहार में अब माना जाएगा संगठित अपराध, सम्राट सरकार का बड़ा फैसला
बिहार सरकार ने राज्य में भर्ती परीक्षाओं की बहाल करने और पेपर लीक माफिया पर लगाम कसने के लिए एक बेहद सख्त कदम उठाया है। सम्राट चौधरी सरकार ने बिहार अपराध नियंत्रण अधिनियम, 2024 में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
- भारत
- 2 min read

बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले परीक्षा माफियाओं के दिन अब लद चुके हैं। राज्य सरकार ने पेपर लीक और धांधली में शामिल गिरोहों के खिलाफ एक ऐतिहासिक और बेहद कड़ा फैसला लिया है। अब ऐसे संगठित अपराधियों से निपटने के लिए सरकार ‘गुंडा एक्ट’ का इस्तेमाल करेगी।
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिपरिषद की महत्वपूर्ण बैठक में ‘बिहार अपराध नियंत्रण अधिनियम, 2024’ में संशोधन के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी गई है। सरकार का यह कदम साफ संदेश देता है कि युवाओं के सपनों से खिलवाड़ को अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
साधारण अपराध नहीं, अब 'संगठित अपराध' माना जाएगा पेपर लीक
सरकार का स्पष्ट मानना है कि परीक्षाओं में धांधली या पेपर लीक अब सिर्फ एक साधारण गड़बड़ी नहीं रह गई है। यह एक वेल-प्लान्ड यानी सुनियोजित और संगठित अपराध का रूप ले चुका है, जिसमें कई बड़े गिरोह काम कर रहे हैं। ऐसे में पुराने ढीले-ढाले नियमों से इन माफियाओं पर नकेल कसना मुश्किल था। इसी वजह से सरकार को यह कड़ा प्रशासनिक और कानूनी रुख अपनाना पड़ा है।
गुंडा एक्ट से क्या-क्या बदलेगा?
सामान्य तौर पर 'गुंडा एक्ट' का इस्तेमाल इलाके में खौफ फैलाने वाले आदतन अपराधियों और खतरनाक गैंग्स के खिलाफ किया जाता है। अब इसे परीक्षा माफियाओं पर लागू करने से कई बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। पुलिस और स्थानीय प्रशासन अब सॉल्वर गैंग और परीक्षा माफिया से जुड़े संदिग्धों की गतिविधियों पर दिन-रात सीधी नजर रख सकेगा। इस कानून के तहत नए प्रावधानों के आधार पर पुलिस परीक्षा माफियाओं के सरगनाओं और इसमें शामिल मुख्य आरोपियों को सीधे जिलाबदर कर सकती है।अब तक आरोपी आसानी से जमानत पर बाहर आ जाते थे। लेकिन अब पुलिस भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के साथ-साथ 'गुंडा एक्ट' का शिकंजा भी कसेगी, जिससे दोषियों का जेल से बाहर आना बेहद कठिन हो जाएगा।
Advertisement
युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक बड़ा कदम
बिहार सरकार के इस सख्त फैसले से न सिर्फ नकल माफियाओं के हौसले पस्त होंगे, बल्कि दिन-रात मेहनत करने वाले लाखों अभ्यर्थियों का सिस्टम पर भरोसा फिर से बहाल होगा। यह नया कदम आने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने में एक मील का पत्थर साबित होगा।
ये भी पढ़ें - बीकानेर-हावड़ा और नेताजी एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनें होंगी प्रभावित, रेलवे ने जारी किया अपडेट