BIG BREAKING: बिहार में बदमाश मचा रहे तांडव-खून से लाल हो रहीं सड़कें, पटना में दिनदहाड़े गोली मारकर वकील की हत्या

बिहार में अपराधी बेलगाम हो गए हैं। वो दिनदहाड़े सड़कों को कत्लेआम मचा रहे हैं। ताजा मामला सुल्‍तानगंज थाना क्षेत्र में अज्ञात बदमाशों ने एक वकील की गोली मारकर हत्या कर दी।

  • Facebook Share Icon
  • Twitter Share Icon
  • WhatsApp Share Icon
 
Follow : Google News Icon
Murder in Patna
Murder in Patna | Image: Republic/ ANI

बिहार में अपराधी बेलगाम हो गए हैं। वो दिनदहाड़े सड़कों को कत्लेआम मचा रहे हैं। ताजा मामला सुल्‍तानगंज थाना क्षेत्र में अज्ञात बदमाशों ने एक वकील की गोली मारकर हत्या कर दी। मृतक की पहचान 58 वर्षीय जितेंद्र कुमार महतो के रूप में हुई है, जो पेशे से एक वकील थे और लंबे समय से पटना में अधिवक्ता के रूप में कार्यरत थे। घटना की सूचना मिलते ही पटना सिटी के एएसपी अतुलेश झा और सुल्तानगंज थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और घटना की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने घटनास्थल से 2 खाली कारतूस के खोखे भी बरामद किए हैं, जो गोलीबारी की पुष्टि करते हैं। फिलहाल एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) की टीम को भी सूचित कर दिया गया है और मौके पर बुलाया गया है, ताकि वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर अपराधियों की पहचान में मदद मिल सके।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावरों ने अंधाधुंध फायरिंग की, जिसमें जितेंद्र महतो को तीन गोलियां लगीं। एक पेट में, दूसरी सिर में, और तीसरी शरीर के अन्य हिस्से में। गोलीबारी की आवाज सुनकर इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों की मदद से घायल अधिवक्ता को तुरंत पीएमसीएच (पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल) ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और छानबीन शुरू की। घटनास्थल से दो खोखे बरामद किए गए हैं, जिससे यह साफ होता है कि हमलावर पूरी योजना और तैयारी के साथ आए थे। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने में जुटी है और इलाके में जांच अभियान चला रही है।

परिवार में मातम, उठे कई सवाल

घटना के बाद मृतक के घर में कोहराम मच गया है। परिजनों ने बताया कि जितेंद्र कुमार महतो एक सरल और मिलनसार स्वभाव के व्यक्ति थे और उनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर उन्हें क्यों मारा गया? क्या इसके पीछे कोई पुरानी रंजिश, पेशेगत विवाद या फिर संपत्ति संबंधी मामला था। यह सब अभी जांच का विषय है।

Advertisement

राजधानी में बढ़ते अपराध और लचर कानून व्यवस्था

इस घटना ने राजधानी पटना में लचर कानून व्यवस्था की पोल खोल दी है। लगातार हो रही आपराधिक घटनाएं, खासकर दिनदहाड़े हत्या जैसी वारदातें, इस बात की ओर इशारा करती हैं कि अपराधियों को न तो कानून का खौफ है और न ही प्रशासन की पकड़ का डर। यह घटना न केवल अधिवक्ताओं बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ा रही है। यदि राजधानी में दिनदहाड़े एक वकील को गोली मारी जा सकती है, तो आम जनता कितनी सुरक्षित है—यह सवाल अब प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती बनकर खड़ा है।

Advertisement

इसे भी पढ़ें- माथे पर टीका लगा कासिब पठान बना शिव वर्मा; भगवान की कसम खाकर 50-60 हिंदू लड़कियों से बनाए संबंध; UP में धर्मांतरण का नया गैंग

Published By:
 Ankur Shrivastava
पब्लिश्ड