नहीं थम रहा बिहार का ' रार ', संजय झा से मुलाकात के बाद नीरज कुमार ने दिखाया तेवर, नहीं करेंगे ललन सिंह से मुलाकात
नीरज कुमार ने पटना ग्रेजुएट निर्वाचन क्षेत्र की सीट पर जीत हासिल करने के बीच ललन सिंह से आशीर्वाद लेने पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि उनसे आशीर्वाद लेने का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता है।
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Neeraj Kumar: बिहार विधान परिषद की 8 सीटों पर हुए एमएलसी चुनाव के नतीजे आ चुके हैं। जेडीयू नेता नीरज कुमार ने तमाम विरोध के बावजूद पटना ग्रेजुएट निर्वाचन क्षेत्र की सीट पर जीत हासिल की। यहां से जीत दर्ज करने के बाद उनके तीखे तेवर नजर आए।
जेडीयू प्रवक्ता और एमएलसी नीरज कुमार ने जेडीयू के कई वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की। उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र यादव और विजय चौधरी से मिलने के बाद उन्होंने गुरुवार को पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा से मुलाकात की। इसके बाद जब उनसे पार्टी नेता ललन सिंह से मुलाकात को लेकर सवाल हुआ तो वे भड़क उठे।
ललन सिंह का आशीर्वाद नहीं लेंगे नीरज कुमार
नीरज कुमार ने संजय झा से मुलाकात के बाद कहा कि ललन सिंह से आशीर्वाद लेने का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता है। वे ललन सिंह से बधाई लेने के सवाल पर बोले, 'नहीं, कोई सवाल ही पैदा नहीं होता है। इसलिए सवाल पैदा नहीं होता है। पूरे चुनावी प्रकरण में मेरा क्या गुनाह है? आखिर मेरा कोई तो गुनाह होगा? मुझे चुनाव प्रक्रिया में इतनी परेशानी क्यों झेलनी पड़ी? मेरे माता-पिता और पुरखों ने यही आशीष दिया है कि अगर कोई भी कर्ज लेना तो लौटा देना। मैं राजनीति के कर्ज को सूद के साथ वापस करूंगा।'
धनबल और बाहुबल की राजनीति नहीं चलेगी- नीरज
इस दौरान उन्होंने चुनाव के दौरान अपनी जमानत जब्त कराने की चुनौती दिए जाने पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने मोकामा विधायक अनंत सिंह पर कहा, ‘धनबल और बाहुबल की राजनीति अब नहीं चलेगी। जब तक नीरज कुमार का जमीर जिंदा है, दुनिया में कोई भी ताकत इस ताकत को झुका नहीं सकती है। हमारी जमानत जब्त करा रहे थे अब अपना तबीयत ठीक है की नहीं?’
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नीरज कुमार ने कहा कि वे राजनीति में नीतीश कुमार के पथ का अनुसरण करने के लिए आए हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि उनसे (ललन सिंह) बधाई कौन ले रहा है। ऐसे लोगों की बधाई लेने से और पाप चढ़ता है।
संजय झा से मुलाकात पर क्या बोले?
नीरज कुमार ने संजय झा से मुलाकात पर कहा कि आज उनसे मुलाकात कर उनका स्नेह मिला है। चुनाव में जिस सक्रियता से उन्होंने भूमिका तय की वो काबिले तारीफ थी। कार्यकर्ताओं के बल पर हमने ये चुनावी यात्रा पूरी की। मैं सभी के प्रति आभार व्यक्त कर रहा हूं कि इस धर्मयुद्ध की लड़ाई में जहां अधर्म और धर्म के बीच लड़ाई हो रही थी वहां पार्टी और NDA मजबूती से खड़ी रही।