Bihar में गार्ड भरोसे चल रहे सरकारी अस्पताल? सुपौल के किसनपुर में गार्ड ने मरीज को लगाया इंजेक्शन, स्वास्थ्य व्यवस्था पर RJD ने उठाए सवाल

Bihar: किसनपुर के स्वास्थ्य केंद्र का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें एक गार्ड को मरीज को इंजेक्शन लगाते देखा जा सकता है। वीडियो शेयर कर RJD ने सरकार पर निशाना साधा है।

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Kisanpur Community Health Centre Video
गार्ड ने मरीज को लगाया इंजेक्शन | Image: X

Bihar news: बिहार में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली एक बार फिर सामने आई है। इस बार मामला सुपौल जिले के किसनपुर स्वास्थ्य केंद्र का है, जहां एक सुरक्षा गार्ड को मरीज को इंजेक्शन लगाते हुए देखा गया। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने पूरे प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने इस वीडियो को शेयर करते हुए सम्राट सरकार को घेरा है।

गार्ड ने लगाया इंजेक्शन

वीडियो में एक सुरक्षा गार्ड, जिसकी ड्यूटी अस्पताल की रखवाली करना है, वह मरीज को इंजेक्शन लगाता नजर आया। स्वास्थ्य केंद्र में न कोई प्रशिक्षित डॉक्टर दिख रहा था, न कोई नर्स और ऐसे में गार्ड ही मरीज का "इलाज" करता दिखा।

VIDEO शेयर कर RJD ने घेरा

RJD ने इस घटना को लेकर बिहार सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी ने वीडियो X अकाउंट पर शेयर करते हुए लिखा, "सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, किसनपुर, जिला-सुपौल का यह हाल ही बिहार के हर अस्पताल का हाल है। BJP-JDU के सरकार के रहते बिहार में कोई भी, कुछ भी बन सकता है। प्राइवेट सुरक्षा एजेंसी का गार्ड "डॉक्टर" बन सकता है।"

मरीज से बोली नर्स-  स्लाइन खुद चढ़ा लो

बिहार के स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों की कमी और स्टाफ की लापरवाही को लेकर पहले भी शिकायतें आती रही हैं। RJD ने इससे पहले एक और वीडियो शेयर किया था, जिसमें एक व्यक्ति ने अस्पताल में मौजूद नर्स पर आरोप लगाया कि स्लाइन का बोतल खुद नहीं लगाकर वहां मरीज के साथ आई एक लड़की को बोली कि स्लाइन खुद चढ़ा लो। लड़की ने बताया कि नर्स, मरीज के बेड पर स्लाइन का बोतल फेंक कर चली गई।

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इसको लेकर पार्टी ने वीडियो पोस्ट कर सरकार पर निशाना साधा। पार्टी ने आरोप लगाया कि अस्पतालों में डॉक्टर, नर्स, सफाईकर्मी और अन्य स्वास्थ्यकर्मी नौकरी मिलने के बाद अपनी जिम्मेदारियां ठीक तरीके से नहीं निभाते। पोस्ट में दावा किया गया कि मरीजों और उनके परिजनों को कई ऐसे काम करने पड़ते हैं, जो अस्पताल कर्मियों के दायरे में आते हैं।

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Published By:
 Ruchi Mehra
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