अपडेटेड 12 February 2026 at 20:00 IST
Patna: NEET छात्रा रेप और मौत के मामले में CBI की एंट्री, बिहार सरकार की सिफारिश के 12 दिन बाद संभाला मोर्चा, अब होगा खुलासा
पटना में NEET की छात्रा के रेप और मर्डर केस की जांच अब CBI करेगी। मामले में सीबीआई ने केस भी दर्ज कर लिया है। छात्रा के माता-पिता ने नीतीश सरकार से जांच CBI को सौंपने की अपील की थी, जिसके बाद सीएम ने इस संबंध में केंद्र सरकार को चिट्ठी लिखी थी।
- भारत
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राजधानी पटना के एक गर्ल्स हॉस्टल में NEET की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत मामले में अब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की एंट्री हो गई है। CBI ने रेप और मर्डर के सिलसिले में केस दर्ज कर अपनी जांच शुरू कर दी है। बिहार सरकार ने मामले की जांच CBI से कराने की सिफारिश की थी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 31 जनवरी को इस संबंध में केंद्र सरकार को चिट्ठी लिखी थी। 12 दिन बाद केंद्रीय जांच एजेंसी ने केस अपने हाथों में लिया है। उम्मीद है कि अब छात्रा की संदिग्ध हालातों में मौत से परदा उठ जाएगा। वहीं, CBI के हाथों में केस सौपने पर बिहार सरकार के मंत्रियों की प्रतिक्रिया भी आ रही है।
CBI ने मामले में रेप-हत्या के आरोप में औपचारिक रूप से प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है। यह केस स्पेशल केस 7S/26 के तहत दर्ज किया गया है। कई अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला बनाया गया है। एफआईआर दर्ज होने के बाद जांच में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है। जहानाबाद जिले की 18 वर्षीय छात्रा पटना के चित्रगुप्त नगर स्थित एक निजी गर्ल्स हॉस्टल (शंभू गर्ल्स हॉस्टल) में रहकर नीट परीक्षा की तैयारी कर रही की थी। बेटी की मौत से परिवार पूरी तरह टूट गया है। परिवार सरकार से न्याय की उम्मीद कर रहा है।
CBI जांच पर डिप्टी सीएम ने क्या कहा?
मामले पर बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने कहा, "सख्त से सख्त कार्रवाई हो रही है। लोगों के मन में विश्वास है कि कानून का राज हर हाल में स्थापित होगा"। वहीं, बिहार के सरकार के मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा,"सरकार ने पहले ही स्पष्ट किया था कि NEET मामले में या किसी भी अन्य मामले में सरकार किसी दोषी को बचाना नहीं चाहती। छात्रा के परिजन सरकार की जांच से असंतुष्ट थे तो सरकार ने मामला CBI को सौंप दिया और अब CBI जांच करेगी। सरकार CBI की सही अपराधी को पकड़ने में पूरी मदद करेगी।"
रेप के बाद हत्या का आरोप
बता दें कि शंभू गर्ल्स हॉस्टल में 9 जनवरी को छात्रा बेहोश मिली थी। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया। वह कई दिनों तक कोमा में रही और 11 जनवरी को एक प्राइवेट अस्पताल में उसकी मौत हो गई। शुरुआत में पुलिस ने इसे सुसाइड बताया। कहा गया कि छात्रा ने ज्यादा स्लीपिंग पिल्स ली थीं और टाइफाइड से पीड़ित थी। लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सेक्सुअल वायलेंस की संभावना खारिज नहीं की गई। परिवार ने रेप और मर्डर का आरोप लगाया। इसके बाद केस का पुरा रुख बदल गया।
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FSL की जांच में हुआ था बड़ा खुलासा
FSL की जांच के दौरान, घटना के समय मृतक के पहने हुए एक अंडरगारमेंट पर ह्यूमन स्पर्म के निशान मिले थे। इस सैंपल से एक DNA प्रोफाइल तैयार किया जा रहा है। कहा जा रहा है कि इस सैंपल का इस्तेमाल गिरफ्तार आरोपी के DNA से मैच करने के लिए किया जाएगा। परिवार ने सरकार से पुलिस पर मामले को दबाने का आरोप लगाते हुए CBI से जांच की अपील की थी। सरकार ने सख्ती दिखाते हुए जांच में लापरवाही बरतने के आरोप में चित्रगुप्त नगर थाने की थानाध्यक्ष रोशनी कुमारी और कदमकुआं थाने के अवर निरीक्षक हेमंत झा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
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Published By : Rupam Kumari
पब्लिश्ड 12 February 2026 at 19:38 IST